इज़दिवाजी ज़िंदगी
1 अब मैं आपके सवालात का जवाब देता हूँ। बेशक अच्छा है कि मर्द शादी न करे। 2 लेकिन ज़िनाकारी से बचने की ख़ातिर हर मर्द की अपनी बीवी और हर औरत का अपना शौहर हो। 3 शौहर अपनी बीवी का हक़ अदा करे और इसी तरह बीवी अपने शौहर का। 4 बीवी अपने जिस्म पर इख़्तियार नहीं रखती बल्कि उसका शौहर। इसी तरह शौहर भी अपने जिस्म पर इख़्तियार नहीं रखता बल्कि उस की बीवी।