25 और अब मैं जानता हूँ कि आप सब जिन्हें मैंने अल्लाह की बादशाही का पैग़ाम सुना दिया है मुझे इसके बाद कभी नहीं देखेंगे। 31 इसलिए जागते रहें! यह बात ज़हन में रखें कि मैं तीन साल के दौरान दिन-रात हर एक को समझाने से बाज़ न आया। मेरे आँसुओं को याद रखें जो मैंने आपके लिए बहाए हैं।
36 यह सब कुछ कहकर पौलुस ने घुटने टेककर उन सबके साथ दुआ की। 37 सब ख़ूब रोए और उसको गले लगा लगाकर बोसे दिए। 38 उन्हें ख़ासकर पौलुस की इस बात से तकलीफ़ हुई कि ‘आप इसके बाद मुझे कभी नहीं देखेंगे।’ फिर वह उसके साथ जहाज़ तक गए।