11 "बादशाह के तमाम मुलाज़िम बल्कि सूबों के तमाम बाशिंदे जानते हैं कि जो भी बुलाए बग़ैर महल के अंदरूनी सहन में बादशाह के पास आए उसे सज़ाए-मौत दी जाएगी, ख़ाह वह मर्द हो या औरत। वह सिर्फ़ इस सूरत में बच जाएगा कि बादशाह सोने का अपना असा उस की तरफ़ बढ़ाए। बात यह भी है कि बादशाह को मुझे बुलाए 30 दिन हो गए हैं।"
14 अगर आप इस वक़्त ख़ामोश रहेंगी तो यहूदी कहीं और से रिहाई और छुटकारा पा लेंगे जबकि आप और आपके बाप का घराना हलाक हो जाएंगे। क्या पता है, शायद आप इसी लिए मलिका बन गई हैं कि ऐसे मौक़े पर यहूदियों की मदद करें।"
16 "ठीक है, फिर जाएँ और सोसन में रहनेवाले तमाम यहूदियों को जमा करें। मेरे लिए रोज़ा रखकर तीन दिन और तीन रात न कुछ खाएँ, न पिएँ। मैं भी अपनी नौकरानियों के साथ मिलकर रोज़ा रखूँगी। इसके बाद बादशाह के पास जाऊँगी, गो यह क़ानून के ख़िलाफ़ है। अगर मरना है तो मर ही जाऊँगी।"