मुलाक़ात का ख़ैमा
1 मुक़द्दस ख़ैमे के लिए दस परदे बनाना। उनके लिए बारीक कतान और नीले, अरग़वानी और क़िरमिज़ी रंग का धागा इस्तेमाल करना। परदों में किसी माहिर कारीगर के कढ़ाई के काम से करूबी फ़रिश्तों का डिज़ायन बनवाना।
7 बकरी के बालों से भी 11 परदे बनाना जिन्हें कपड़ेवाले ख़ैमे के ऊपर रखा जाए।
14 एक दूसरे के ऊपर के इन दोनों ख़ैमों की हिफ़ाज़त के लिए दो ग़िलाफ़ बनाने हैं। बकरी के बालों के ख़ैमे पर मेंढों की सुर्ख़ रँगी हुई खालें जोड़कर रखी जाएँ और उन पर तख़स की खालें मिलाकर रखी जाएँ।
15 कीकर की लकड़ी के तख़्ते बनाना जो खड़े किए जाएँ ताकि ख़ैमे की दीवारों का काम दें।
मुक़द्दस ख़ैमे के परदे
31 अब एक और परदा बनाना। इसके लिए भी बारीक कतान और नीले, अरग़वानी और क़िरमिज़ी रंग का धागा इस्तेमाल करना। उस पर भी किसी माहिर कारीगर के कढ़ाई के काम से करूबी फ़रिश्तों का डिज़ायन बनवाना। 33 यह परदा मुक़द्दस कमरे को मुक़द्दसतरीन कमरे से अलग करेगा जिसमें अहद का संदूक़ पड़ा रहेगा। परदे को लटकाने के बाद उसके पीछे मुक़द्दसतरीन कमरे में अहद का संदूक़ रखना।