मूसा रब का जलाल देखता है
12 मूसा ने रब से कहा, "देख, तू मुझसे कहता आया है कि इस क़ौम को कनान ले चल। लेकिन तू मेरे साथ किस को भेजेगा? तूने अब तक यह बात मुझे नहीं बताई हालाँकि तूने कहा है, ‘मैं तुझे बनाम जानता हूँ, तुझे मेरा करम हासिल हुआ है।’ 13 अगर मुझे वाक़ई तेरा करम हासिल है तो मुझे अपने रास्ते दिखा ताकि मैं तुझे जान लूँ और तेरा करम मुझे हासिल होता रहे। इस बात का ख़याल रख कि यह क़ौम तेरी ही उम्मत है।"
14 रब ने जवाब दिया, "मैं ख़ुद तेरे साथ चलूँगा और तुझे आराम दूँगा।" 15 मूसा ने कहा, "अगर तू ख़ुद साथ नहीं चलेगा तो फिर हमें यहाँ से रवाना न करना। 16 अगर तू हमारे साथ न जाए तो किस तरह पता चलेगा कि मुझे और तेरी क़ौम को तेरा करम हासिल हुआ है? हम सिर्फ़ इसी वजह से दुनिया की दीगर क़ौमों से अलग और मुमताज़ हैं।"
17 रब ने मूसा से कहा, "मैं तेरी यह दरख़ास्त भी पूरी करूँगा, क्योंकि तुझे मेरा करम हासिल हुआ है और मैं तुझे बनाम जानता हूँ।"