अल्लाह की क़ौम के लिए सुकून
7 चुनाँचे जिस तरह रूहुल-क़ुद्स फ़रमाता है,
"अगर तुम आज अल्लाह की आवाज़ सुनो
8 तो अपने दिलों को सख़्त न करो जिस तरह बग़ावत के दिन हुआ,
जब तुम्हारे बापदादा ने रेगिस्तान में मुझे आज़माया।
12 भाइयो, ख़बरदार रहें ताकि आपमें से किसी का दिल बुराई और कुफ़र से भरकर ज़िंदा ख़ुदा से बरगश्ता न हो जाए। 13 इसके बजाए जब तक अल्लाह का यह फ़रमान क़ायम है रोज़ाना एक दूसरे की हौसलाअफ़्ज़ाई करें ताकि आपमें से कोई भी गुनाह के फ़रेब में आकर सख़्तदिल न हो।
15 मज़कूरा कलाम में लिखा है,
"अगर तुम आज अल्लाह की आवाज़ सुनो,
तो अपने दिलों को सख़्त न करो जिस तरह बग़ावत के दिन हुआ।"