मिसर के वादे बेकार हैं
1 रब फ़रमाता है, "ऐ ज़िद्दी बच्चो, तुम पर अफ़सोस! क्योंकि तुम मेरे बग़ैर मनसूबे बाँधते और मेरे रूह के बग़ैर मुआहदे कर लेते हो। गुनाहों में इज़ाफ़ा करते करते 2 तुमने मुझसे मशवरा लिए बग़ैर मिसर की तरफ़ रुजू किया ताकि फ़िरौन की आड़ में पनाह लो और मिसर के साये में हिफ़ाज़त पाओ। 3 लेकिन ख़बरदार! फ़िरौन का तहफ़्फ़ुज़ तुम्हारे लिए शर्म का बाइस बनेगा, मिसर के साये में पनाह लेने से तुम्हारी रुसवाई हो जाएगी।
सब्र के साथ रब पर भरोसा रखो
15 रब क़ादिरे-मुतलक़ जो इसराईल का क़ुद्दूस है फ़रमाता है, "वापस आकर सुकून पाओ, तब ही तुम्हें नजात मिलेगी। ख़ामोश रहकर मुझ पर भरोसा रखो, तब ही तुम्हें तक़वियत मिलेगी। लेकिन तुम इसके लिए तैयार ही नहीं थे।