26 जब ईसा ने अपनी माँ को उस शागिर्द के साथ खड़े देखा जो उसे प्यारा था तो उसने कहा, "ऐ ख़ातून, देखें आपका बेटा यह है।"
27 और उस शागिर्द से उसने कहा, "देख, तेरी माँ यह है।" उस वक़्त से उस शागिर्द ने ईसा की माँ को अपने घर रखा।
ईसा की मौत
28 इसके बाद जब ईसा ने जान लिया कि मेरा मिशन तकमील तक पहुँच चुका है तो उसने कहा, "मुझे प्यास लगी है।" (इससे भी कलामे-मुक़द्दस की एक पेशगोई पूरी हुई।)
30 यह सिरका पीने के बाद ईसा बोल उठा, "काम मुकम्मल हो गया है।" और सर झुकाकर उसने अपनी जान अल्लाह के सुपुर्द कर दी।