7 एक सामरी औरत पानी भरने आई। ईसा ने उससे कहा, "मुझे ज़रा पानी पिला।"
9 सामरी औरत ने ताज्जुब किया, क्योंकि यहूदी सामरियों के साथ ताल्लुक़ रखने से इनकार करते हैं। उसने कहा, "आप तो यहूदी हैं, और मैं सामरी औरत हूँ। आप किस तरह मुझसे पानी पिलाने की दरख़ास्त कर सकते हैं?"
26 इस पर ईसा ने उसे बताया, "मैं ही मसीह हूँ जो तेरे साथ बात कर रहा हूँ।"
27 उसी लमहे शागिर्द पहुँच गए। उन्होंने जब देखा कि ईसा एक औरत से बात कर रहा है तो ताज्जुब किया। लेकिन किसी ने पूछने की जुर्रत न की कि "आप क्या चाहते हैं?" या "आप इस औरत से क्यों बातें कर रहे हैं?"
39 उस शहर के बहुत-से सामरी ईसा पर ईमान लाए। वजह यह थी कि उस औरत ने उसके बारे में यह गवाही दी थी, "उसने मुझे सब कुछ बता दिया जो मैंने किया है।"