4 तू कहाँ था जब मैंने ज़मीन की बुनियाद रखी? अगर तुझे इसका इल्म हो तो मुझे बता! 5 किसने उस की लंबाई और चौड़ाई मुक़र्रर की? क्या तुझे मालूम है? किसने नापकर उस की पैमाइश की?
8 जब समुंदर रहम से फूट निकला तो किसने दरवाज़े बंद करके उस पर क़ाबू पाया?
12 क्या तूने कभी सुबह को हुक्म दिया या उसे तुलू होने की जगह दिखाई
31 क्या तू ख़ोशाए-परवीन को बाँध सकता या जौज़े की ज़ंजीरों को खोल सकता है?