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लूकदी शुभवर्तमान 1

जखऱनद

67 आबजखऱपविआतिंपण भवियवा; आना,

68 "इसएल रभ, इनदा,

नटमन

िंमत इचटक.1:68 स्तोत्र 11:9; 41:13

69 मनवक इन घर

मनकसमरथश

रणहइच.1:69 स्तोत्र 132:17; यिर्मया 30:9

70 इदरभपविलदरवतना.

71 शतिंलत

रनटकअभिवचन इचा.1:71 स्तोत्र 106:10

72 वजलिंदयपदेंइद

मनपविकररद,

73 इदकरवगवट

इदमनवज अबा.

74 आदइली, शततलइडईग,

75 ुंपविरतिमतवतआययभर रस,

इल.

76 िा, िपरपर आन

नटरभनदेंुंनडश.

77 िकसी, पलषमरणदअनभव िा.

78 दयकसवरिफद

दटवलजगिंयलगफडी.

79 नतकन

वलसनरकलगइदें

ळलांें

िनमफदमतिी."1:79 यशया 58:8; 60:1-2; 9:2

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