Admiração
O temor do Senhor é o princípio da sabedoria. A admiração reverente por Deus é a postura que produz conhecimento, obediência e bênção na vida do crente.
सब कुछ सुनय गयो; आखरी कि बात या हइ कि परमेश्वर को डर मान अरु ओकी आज्ञाहोन को पालन कर; क्युकी इन्सान को पुरो कर्तव्य यो हइ.
येकालिए दइनहोन परमेश्वर से डरती थीं. येकालिए परमेश्वर ने उनखे डर बसाय दियो.
येका लिये प्रियजन जब कि या प्रतीज्ञाहोन हमखे मीली हइ, ते आनू, हम अपना खुद को आंग अरु आत्मा खे सब मलिनता से अच्छो कर्येका अरु परमेश्वर को डर रखते हुये पवित्रता, सिद्ध कर्ये.
येका लिये हर एक को हक्क चुकयो कर जेका से चाए ओका करी देख जेको चुनी चाए ओखे चुगी दे. जेका से डरनो चाए ओकासे डर. जेको आदर करणो चाए ओको आदर कर.
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