धनवानां ताहीं निर्देश
17 इस दुनिया के साहूकारां नै आज्ञा दे, के वे घमण्डी ना हों अर अपणे धन पै भरोस्सा ना राक्खै, जो के थोड़े दिन का सै, पर परमेसवर पै भरोस्सा राक्खै, जो उदारता तै सब कुछ देवै सै, जो हमनै चाहिए, ताके हम उसका आनन्द उठा सका।
17 इस दुनिया के साहूकारां नै आज्ञा दे, के वे घमण्डी ना हों अर अपणे धन पै भरोस्सा ना राक्खै, जो के थोड़े दिन का सै, पर परमेसवर पै भरोस्सा राक्खै, जो उदारता तै सब कुछ देवै सै, जो हमनै चाहिए, ताके हम उसका आनन्द उठा सका।