8 पर दानिय्येल नै अपणे मन म्ह ठाण लिया के वो राजा का भोजन खाकै अर उसका दाखमधु पीकै खुद नै अपवित्र न्ही होण देवैगा1:8 दानिय्येल नै अपणे मन म्ह ठाण लिया के वो राजा का भोजन खाकै अर उसका दाखमधु पीकै खुद नै अपवित्र न्ही होण देवैगा उरै दानिय्येल की हालत म्ह अपवित्र होण का सम्भावित मतलब यो हो सकै सै के इसे भोजन के जरिये वो मूर्तिपूजा का सहभागी हो जावैगा या अपणे सिद्धान्तां तै गलत जीवनशैली नै इजाजत दे देवैगा।; इस करकै उसनै खोज्यां के प्रधान तै बिनती करी, के उस ताहीं अपवित्र ना होण दे।
Publicidade