2 अर जो धरती कै नीच्चै सोए रहवैंगे उन म्ह तै भोत-से माणस मौत म्ह तै जाग उठैगें, कितणे तो सदा के जीवन कै खात्तर, अर कितणे अपणी नामधराई अर सदा ताहीं घिनोणे ठहरण कै खात्तर।
2 अर जो धरती कै नीच्चै सोए रहवैंगे उन म्ह तै भोत-से माणस मौत म्ह तै जाग उठैगें, कितणे तो सदा के जीवन कै खात्तर, अर कितणे अपणी नामधराई अर सदा ताहीं घिनोणे ठहरण कै खात्तर।