25 अर हम आरधन सभय मह लगतर कठठ हण मह ससत न ह जव, जस क भत-स त ससत ह भ लय स, पर एक-दसर न उतसहत करत रह, जस क थम जण स, क यश क आण क बखत लव स।
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25 अर हम आरधन सभय मह लगतर कठठ हण मह ससत न ह जव, जस क भत-स त ससत ह भ लय स, पर एक-दसर न उतसहत करत रह, जस क थम जण स, क यश क आण क बखत लव स।