31 फेर भी तन्नै जो घणा दयालु सै, उनका नाश न्ही कर करया अर ना उन ताहीं त्याग दिया, क्यूँके तू अनुग्रहकारी अर दयालु परमेसवर सै।"
31 फेर भी तन्नै जो घणा दयालु सै, उनका नाश न्ही कर करया अर ना उन ताहीं त्याग दिया, क्यूँके तू अनुग्रहकारी अर दयालु परमेसवर सै।"