1 हे परमेसवर, अपणी करुणा कै मुताबिक मेरे पै अनुग्रह कर;
अपणी बड़ी दया के मुताबिक मेरे अपराध्धां ताहीं मिटा दे।
2 मन्नै भली-भाँति धोकै मेरा अधर्म दूर कर,
अर मेरे पाप छुड़ाकै मन्नै शुद्ध कर!
3 मै तो अपणे अपराध्धां नै जाणु सूं,
अर मेरा पाप हमेशा मेरी निगांह म्ह रही जा सै।
4 मन्नै सिर्फ तेरैए बिरुध्द पाप करया,
अर तेरी निगांह म्ह जो बुरा सै, वोए करया सै,
ताके तू बोल्लण म्ह धर्मी
अर न्याय करण म्ह निष्कलंक ठहरै।
5 देख, मै अधर्म कै गैल पैदा होया,
अर जिस दिन तै मै अपणी माँ कै गर्भ म्ह पड्या उस्से दिन तै मै पापी सूं।
6 देख, तू मन की सच्चाई तै खुश होवै सै;
अर मन्नै मेरे मन म्ह ए ज्ञान देवैगा।
7 पाप तै मन्नै लिकाड़ तो मै पवित्र हो जाऊँगा;
अर मन्नै जूफा तै धो अर मै बर्फ तै भी घणा सफेद बणुगाँ।
8 मन्नै खुशी की अर आनन्द की बात सुणा,
जिसतै जो हाड्डी तन्नै तोड़ दी सै, वे
मगन हो जावै।
9 अपणा मुँह मेरे पापां की ओड़ तै फेर ले,
अर मेरे सारे अधर्म के काम्मां नै मिटा दे।
10 हे परमेसवर, मेरै भित्तर शुद्ध मन पैदा कर,
अर मेरै भित्तर मजबूत आत्मा नये सिरे तै भर दे।
11 मन्नै अपणे स्याम्ही तै दूर ना करै,
अर अपणी पवित्र आत्मा तै मन्नै दूर ना करै।
12 अपणे करे होए उद्धार की खुशी फेर तै मन्नै दे दे,
अर उदारता का आत्मा देकै मन्नै सम्भाळ।
13 फेर मै अपराधियाँ नै तेरी राह पै चालणा सिखाऊँगा,
अर पापी तेरी ओड़ आवैंगे।
14 हे परमेसवर, हे मेरे उद्धारकर्ता परमेसवर,
मन्नै हत्या के अपराध तै छुड़ाले,
फेर मै तेरे धार्मिकता का जयजयकार करण पाऊँगा।
15 हे प्रभु, मेरा मुँह खोल दे
फेर मै तेरा गुणगान कर सकूँगा।
16 क्यूँके तू बलि तै राज्जी कोन्या होन्दा,
न्ही तो मै देंदा;
होमबलि तै भी तू राज्जी कोन्या होन्दा।
17 टूट्या मन परमेसवर के योग्य बलिदान सै;
हे परमेसवर, तू टूट्टे अर पईसे होए मन ताहीं
तुच्छ कोनी जाणदा।
18 राज्जी होकै सिय्योन की भलाई कर,
यरुशलेम की चारदीवारी नै तू बणा।
19 फेर तू धर्म के बलिदान तै यानी सारे
पशुआं के होमबलि तै खुश होवैगा;
फेर लोग तेरी वेदी पै पवित्र बलिदान चढ़ावैंगे।