Pular para o conteúdo
Publicidade

भजन संहिता 58

अनिथन

रधबजआळतर अल-तशहऊद ि

1 करण आळ58:1 राज करण आळेयो देवताओं, हे गूँगे माणसों, थम सच िकत्‍ों?

अर आदम , थम िसलकरों?

2 ी, थम मन मन करो;

थम करदों।

3 णस जन्‍परै,

िकडलदभटक ै।

4 उन ाँिजहर ै;

उस तरिां ै, णणहना;

5 अर सपितनूँ पढ़ै,

उसकणदा।

6 परमसवर, उनकुँां े;

यहउन जवां ़ां उखे।

7 बहनतरिां ै;

िअपणचढ़ाै, ्‍कड़े ै।

8 ोंतरिां ै,

अर औरत िगरतरिां िसनरज ीं ो।

9 इसतहलिाँ ाँै,

हरअर जळे, ीं भमिउड़ा ा।

10 परमसवर इसबदलखका;

अपणां ा।

11 णस कहण े, पक्‍धरतर फळ ै;

पक्‍परमसवर ै, धरतकरै।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também