Pular para o conteúdo
Publicidade

भजन संहिता 111

परमसवर सच्‍अर तर ि

1 परमसवर ि करो। णसां सभ

अर मणडळमन यहधनयवकरुँा।

2 यहबड़े ै,

ितनउसतरहवैं, उनपलगै।

3 उसकभवशअर यमै,

अर उसकधरसदतक बणरहवा।

4 उसनअपणअचमकरै;

यहअनरह करण आळअर दयै।

5 उसनअपणडरण आळयां िै;

अपणकरसदतक ा।

6 उसनअपणरजतक त-जतर,

अपणां रतिै।

7 सच्‍अर उसकां ै;

उसकउपदियक ै।

8 कदटळें;

सच्‍अर िकरै।

9 उसनअपणरजउदकरयै;

उसनअपणकरीं सदतर ठहरै।

उसकपविअर भययै।

10 ि जडपरमसवर डर ै;

ितनउसककमां ्‍ै,

उनकसमझ आचै।

उसकि सदबणरहवी।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também