1 हे यहोवा मेरे सताण आळे कितणे बढ़गे सै!
वे जो मेरै बिरुध्द उठै सै घणे सै।
2 घणखरे मेरै बारै म्ह कहवै सै,
के उसकी मदद परमेसवर की ओड़ तै न्ही हो सकदी। (सेला)
3 पर हे यहोवा, तू तो मेरै च्यांरु ओड़ मेरी ढाल सै,
तू मेरी महिमा अर मेरा सिर ऊँच्चा करण आळा सै।
4 मै ऊँच्ची आवाज म्ह यहोवा नै पुकारूँगा,
अर वो अपणे पवित्र पर्वत तै मन्नै जवाब देवै सै। (सेला)
5 मै लेट कै सो ग्या,
फेर जाग ग्या, क्यूँके यहोवा मन्नै सम्भाळ सै।
6 मै उस भीड़ तै न्ही डरदा,
जो मेरै बिरुध्द च्यांरु ओड़ पाँति बाँधे खड़े सै।
7 उठ, हे यहोवा! हे मेरे परमेसवर मन्नै बचाले!
क्यूँके तन्नै मेरे सारे दुश्मनां के जबाडां पै मारया सै,
अर तन्नै दुष्टां के दांद तोड़ दिये सै।
8 उद्धार यहोवा की ए ओड़ तै होवै सै,
हे यहोवा तेरी आशीष तेरी प्रजा पै हो।