1 मै प्यार करुँ सूं, इस करकै के यहोवा नै मेरे गिड़गिड़ाणे ताहीं सुण्या सै।
2 उसनै जो मेरी ओड़ कान लगाया सै,
इस करकै मै जिन्दगी भर उसनै पुकारया करुँगा।
3 मौत की रस्सी मेरै चारुँ ओड़ थी;
मै अधोलोक की मुसीबत म्ह पड्या था;
मन्नै मुसीबत अर शोक भोगणा पड्या।
4 फेर मन्नै यहोवा तै प्रार्थना करी,
"हे यहोवा, बिनती सुणकै मेरी जान बचाले!"
5 यहोवा करुणामय अर धर्मी सै;
अर म्हारा परमेसवर दया करण आळा सै।
6 यहोवा भोळयां की रुखाळी करै सै;
जिब मै कमजोर होग्या था, उसनै मेरा उद्धार करया।
7 हे मेरी जान तू अपणे आराम की जगहां म्ह बोहड़ आ;
क्यूँके यहोवा नै तेरे पै उपकार करया सै।
8 तन्नै तो मेरी जान ताहीं मौत तै,
मेरी आँख नै आँसू बहाण तै,
अर मेरे पैर ठोक्कर खाण तै बचाए सै।
9 मै जिन्दा रहन्दे होये,
अपणे-आपनै यहोवा कै स्याम्ही जाणकै सदा चालदा रहूँगा।
10 मन्नै जो इस तरियां कह्या सै, यहोवा नै बिश्वास की कसोट्टी पै कस के कह्या सै,
"मै तो घणाए दुखी सूं;"
11 मन्नै जल्दबाजी तै कह्या,
"सारे माणस झूठ्ठे सै।"
12 यहोवा नै मेरै पै जितने उपकार करे सै,
उनका बदला मै उसनै किस तरियां दियुँ।
13 मै दाखमधु का कटोरा ठाकै,
यहोवा ताहीं भेंट चढ़ाऊँगा जिसनै मेरे ताहीं बचाया सै।
14 मै यहोवा खात्तर अपणी मन्नत, सारया की निगांह म्ह खुल्लम-खुल्ला उसके सारे माणसां कै स्याम्ही पूरी करुँगा।
15 यहोवा के भगतां की मौत,
उसकी नजर म्ह अनमोल सै।
16 हे यहोवा, सुण, मै तो तेरा दास सूं;
मै तेरा दास, अर तेरी दास्सी का बेट्टा सूं।
तन्नै मेरे बंधन खोल दिए सै।
17 मै तन्नै धन्यवाद की भेंट चढ़ाऊँगा,
अर यहोवा तै प्रार्थना करुँगा।
18 मै यहोवा खात्तर अपणी मन्नतां नै,
खुलकै उसके सारे लोगां कै स्याम्ही
19 यहोवा के घर के आँगणां म्ह,
हे यरुशलेम, तेरे भित्तर पूरी करुँगा।
परमेसवर की स्तुति करो!