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भजन संहिता 81

आजितर हट

रधबजआळतर: िआसभजन

1 परमसवर बल ै, उसक;

परमसवर जयजयककरो!

2 , डफ अर मधजण आळअर आओ

3 नयाँि,

अर णमिनरसिंूँो।

4 ूँइसएल तर िि,

अर परमसवर ठहरियम ै।

5 इस ीं उसनतर िि उस बखत चला,

िििा।

ओड़ै मन्‍एक अनजी;

6 "मन्‍उनकधयां िा;

उनककरा।

7 तन्‍बत पडरया, मन्‍ीं ़ाा;

दळ गरजण जगहां मन्‍ी,

अर मरइमििा। (ा)

8 रजा, , ीं वनिुँ ूं!

इसएल भलै!

9 परईश्‍वर ो;

अर िपरवतदणडवत करिे!

10 परमसवर यहूं,

थमनििूं।

अपणुँ, उसनभर िुँा।

11 पर रजी;

इसएल ीं ा।

12 इस करकमन्‍उन ीं उनकमन हठ िा,

अपणजनि्‍ै।

13 रजै,

इसएल ्‍ै,

14 पलभर मनां दबँ,

अर अपणिाँ िचलँ।

15 यहयहभय उसनदणडवत करै,

उन ीं हमतर शरिकरया।

16 पर थमनउनतआचआचूँ ा,

अर चटशहद थमनिा।"

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