परमेसवर के नियम-कायदा म्ह सच्चा सुख
1 धन्य सै वो माणस जो दुष्टां की युक्ति पै न्ही चाल्दा,
अर ना पापियाँ की राह म्ह खड्या होंदा;
अर ना मजाक करण आळयां की मण्डळी म्ह बैठदा।
2 पर वो तो यहोवा के नियम-कायदा तै राज्जी रहवै सै;
अर उसके नियमां पै रात-दिन ध्यान करै सै।
3 वो उस दरखतां कै ढाळ सै, जो बहन्दे होए पाणी के किनारे लगाया गया सै।
अर अपणे मौसम म्ह फळै सै,
अर जिसके पत्ते कदे भी मुरझांदे कोन्या।
अर जो किमे वो माणस करै सै वो कामयाब होवै सै
4 पर दुष्ट माणस इसे न्ही होन्दे,
वे उस फूस की ढाळ होवै सै, जो हवा तै उड़ाया जावै सै।
5 इस कारण दुष्ट माणस कच्हेड़ी म्ह टिके न्ही रह सकैगे,
अर ना पापी धर्मियाँ की मण्डळी म्ह ठैहर सकैगें;
6 क्यूँके यहोवा धर्मियाँ की राह नै जाणै सै,
पर दुष्टां का राह नाश हो जावैगा।