1 हे यहोवा, मेरे वचनां पै कान लगा;
मेरै कराहण पै ध्यान लगा।
2 हे मेरे राजा, हे मेरे परमेसवर, मेरी दुहाई पै ध्यान दे,
क्यूँके मै तेरे तै ए प्रार्थना करुँ सूं।
3 हे यहोवा, तड़कैए तन्नै मेरी वाणी सुणाई देगी,
मै तड़कैए तेरी प्रार्थना करकै तेरी बाट देक्खुँगा।
4 क्यूँके तू इसा परमेसवर सै, जो बुराई तै राज्जी न्ही होन्दा;
बुरे माणस तेरे गैल न्ही रह सकदे।
5 घमण्डी तेरे स्याम्ही खड़े न्ही होण पावैंगें;
तन्नै सारे अनर्थकारियाँ तै घृणा सै।
6 तू उननै जो झूठ बोल्लै सै नाश करैगा;
यहोवा तो हत्यारे अर कपटी माणस तै घृणा करै सै।
7 पर मै तो तेरी अपार करुणा कै कारण तेरे भवन म्ह आऊँगा,
मै तेरा भय मानकै तेरे पवित्र मन्दर की ओड़ दण्डवत करुँगा।
8 हे यहोवा, मेरै दुश्मनां कै कारण अपणी धार्मिकता की राह म्ह मेरी अगुवाई कर;
मेरै आग्गै-आग्गै अपणी सीध्धी राह दिखा।
9 क्यूँके उनकै मुँह म्ह कोए सच्चाई न्ही;
उनके मन म्ह निरी बुराई भरी सै।
उनका गळा खुली होड़ कब्र सै,
वे अपणी जीभ तै चिकणी-चुपड़ी बात करै सै।
10 हे परमेसवर तू उननै दोषी ठैहरा;
वे अपणी युक्तियाँ तै आप्पे गिर जावै;
उननै उनके घणे अपराध्धां के कारण लिकाड़कै बाहरणै कर,
क्यूँके उननै तेरे तै बलवा करया सै।
11 पर जितने तेरे म्ह शरण लेवै सै, वे सारे आनन्द करै,
वे सदा ऊँच्ची आवाज म्ह गान्दे रहवै; क्यूँके तू उनकी हिफाजत करै सै,
अर जो तेरे नाम के प्रेमी सै तेरे म्ह फुल्ले न्ही समावै।
12 क्यूँके तू धर्मी नै आशीष देवैगा; हे यहोवा,
तू उसनै ढाल की तरियां अपणी कृपा तै घेरे रहवैगा।