धर्मी का विवरण
दाऊद का भजन
1 हे यहोवा तेरे भवन म्ह कौण रहवैगा?
तेरे पवित्र पर्वत पै कौण बसण पावैगा?
2 वो जो खराई तै चाल्लै अर धर्म के काम करै सै,
अर दिल तै सच बोल्लै सै।
3 जो अपणी जीभ तै अपमान न्ही करदा,
अर ना दुसरे माणसां की बुराई करदा,
अर ना अपणे पड़ोसी का अपमान सुणै सै;
4 वो जिसकी निगांह म्ह निकम्मा माणस तुच्छ सै,
पर जो यहोवा के भय मान्नण आळे का आदर करै सै,
जो कसम खाकै बदलदा कोनी चाहे नुकसान ठाणा पड़ै;
5 जो अपणा रपियाँ ब्याज पै न्ही देंदा,
अर बेकसूर का नुकसान करण खात्तर रिसवत न्ही लेन्दा।
जो कोए इसी चाल चाल्लै सै वो कदे न्ही डगमगावैगा।