1 हे परमेसवर, तू मेरा परमेसवर सै,
मै तेरे ताहीं लगन तै ढूँढ़ूगा;
सूक्खी अर निर्जल बंजर धरती पै,
मेरा मन तेरा तिसाया सै, मेरी देह तेरी घणी इच्छा करै सै।
2 इस तरियां तै मन्नै पवित्र स्थान म्ह तेरे पै निगांह करी,
ताके तेरी सामर्थ्य अर महिमा नै देक्खूँ।
3 क्यूँके तेरी करुणा जीवन तै भी आच्छी सै,
मै तेरी बड़ाई करुँगा।
4 इस तरियां मै जीवन भर तेरे ताहीं धन्य कहन्दा रहूँगा;
अर तेरा नाम लेकै अपणे हाथ ठाऊँगा।
5 मेरा जी मान्नो चर्बी अर चिकणे खाणे तै छिक्या हो,
अर मै जयजयकार करकै तेरी बड़ाई करुँगा।
6 जब मै बिछोणे पै पड्या तन्नै याद करुँगा,
तब रात के एक-एक पहर म्ह तेरे पै ध्यान करुँगा;
7 क्यूँके तू मेरा मददगार बण्या सै,
इस करकै मै तेरे पंखां की छाया म्ह जयजयकार करुँगा।
8 मेरा मन तेरे पाच्छै-पाच्छै लाग्या सै;
अर मेरे ताहीं तो तू अपणे सोळे हाथ तै थाम्मे रहवै सै।
9 पर जो मेरी जान के दुश्मन सै,
वो धरती की निचली जगहां म्ह जा पड़ैगें;
10 वे तलवार तै मारे जावैंगे,
अर गादड़ां का खाणा हो जावैंगे।
11 पर राजा परमेसवर कै कारण खुश होवैगा;
जो कोए परमेसवर की कसम खावै, वो बड़ाई करण पावैगा;
पर झूठ बोलण आळे का मुँह बन्द करया जावैगा।