Pular para o conteúdo
Publicidade

भजन संहिता 49

धन भरखण

रधबजआळतर रहविों भजन

1 श-दणसों ो!

िरहण आळो, लग!

2 , ,

अमअर गर, थम लग!

3 ुँि िकड़ैी;

अर मन समझ ोंी।

4 िवचन ओडअपणलगा,

बजअपण

ा।

5 कट िां ूँ डरुँ िअधरमन्‍ै?

6 अपणसमपति भरै,

अर अपणघणधन रण घण्‍ै,

7 उन अपणे-आपन49:7 अपणे-आपनैभाई ितरिां

़ा सका;

अर परमसवर उसकबदलयशि

सक

8 ूँउनक़ौ

अनीं कदसकद

9 इससदतर िरहवै,

अर कबै।

10 ूँखण आवअकलममरै,

अर अर पशसरणस ्‍ै,

अर अपणसमपति सरयां तर ै।

11 मन मन ्‍उनकघर

सदबणरहा,

अर उनकि़ी ़ी ीं बणरहवैंे,

इस करकअपणी-अपणजगहां अपणै।

12 पर णस न-समिरहना,

पशतरिां ै, मर िै।

13 उनकउनकखतै,

उनकमरण उनकां

ै।

14 अध़-बकरिाँ तरिां ठहरगयै;

उनकठहरा;

अर तडतड49:14 तड़कै ए तड़कै अधोलोक म्ह चले जावैंगे धरउनपसन करें;

अर उनकदर अधिअर उनकआधरहा।

15 पर परमसवर अध

बस ़ा ा,

ूँमन्‍अपणा।

16 िधनअर उसकघर

भव49:16 वैभव धन-दौलत बढै,

तब उसकभय िे,

17 ूँमरकैंा;

उसकसमपति उसकउसककबी।

18 िअपणे-आपनधनकहनरहवै।

िअपणभलकरै, तब णस

करै।

19 अपणवजां समिा,

कदाँदणैंे।

20 णस रतििपर

समझ खदे,

पशतरिां ै, मर िै।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também