1 हे परमेसवर मेरी हिफाजत कर,
क्यूँके मै तेराए शरणागत सूं।
2 मन्नै यहोवा तै कह्या सै, "तू ए मेरा प्रभु सै;
तेरे सिवाए मेरी भलाई किते कोन्या।"
3 धरती पै जो पवित्र माणस सै,
वोए आदर कै जोग्गे सै,
अर उनतै मै राज्जी सूं।
4 जो पराये देवता कै पाच्छै भाग्गै सै उनका दुख बढ़ जावैगा;
मै उन ताहीं लहूआळी भेंट न्ही चढ़ाऊँगा
अर उनका नाम अपणे होठां तै न्ही ल्यूँगा।
5 यहोवा मेरा चुण्या होया भाग अर मेरा कटोरा सै;
मेरै भाग नै तू टिकाये राक्खै सै।
6 मेरै खात्तर माप की डोरी मन भाण आळी जगहां म्ह पड़ी,
मेरा भाग मन नै भावण आळा सै।
7 मै यहोवा नै धन्य कहूँ सूं,
क्यूँके उसनै मेरै ताहीं तसल्ली दी सै;
बल्के मेरा मन भी रात नै मन्नै शिक्षा देवै सै।
8 मन्नै यहोवा ताहीं लगातार अपणे स्याम्ही राख्या सै:
इस करकै के वो मेरै सोळे हाथ नै रहवै सै मै कदे न्ही डगमगाऊँगा।
9 इस कारण मेरा मन आनन्दित
अर मेरी आत्मा मगन होई;
मेरी देह भी चैन तै रहवैगी।
10 क्यूँके तू मेरै प्राण नै अधोलोक म्ह न्ही छोड़ैगा,
ना अपणे पवित्र भगत नै कब्र म्ह सड़ण देवैगा।
11 तू मन्नै जीवन की राह दिखावैगा;
तेरे धोरै आनन्द की भरपूरी सै,
तेरे सोळे हाथ म्ह सुख सदा बण्या रहवै सै।