करुणामय परमेसवर
यात्रा का गीत
1 हे यहोवा, मन्नै मुसीबतां म्ह ढुंघी जगहां म्ह तै तेरे ताहीं पुकारया सै।
2 हे प्रभु, मेरी सुण!
तेरे कान मेरे गिड़गिड़ाण की ओड़ ध्यान तै लाग्गे रहवै!
3 हे यहोवा, जै तू अधर्म के काम्मां का लेखा ले,
तो हे प्रभु कौण खड्या रह पावैगा?
4 पर तू माफ करण आळा सै?
जिसतै तेरा भय मान्या जावै।
5 मै यहोवा की बाट देक्खूँ सूं, मै जी तै उसकी बाट देक्खूँ सूं,
अर मेरी आस उसकै वचन पै सै;
6 रुखाळी करण आळे जितना सबेरै नै चाहवै सै, हाँ
रुखाळी करण आळे जितना सबेरै नै चाहवै सै,
उसतै भी घणा मै यहोवा नै अपणे जी तै चाहूँ सूं।
7 इस्राएल यहोवा पै आस लगाऐ रहवै!
क्यूँके यहोवा करुणा करण आळा
अर पूरा छुटकारा देण आळा सै।
8 इस्राएल नै उसके सारे अधर्म के काम्मां तै वोए छुड़ावैगा।