1 जिस बखत यहोवा नै दाऊद ताहीं उसके सारे दुश्मनां अर शाऊल के हाथ तै बचाया था, उस बखत उसनै यहोवा खात्तर इस गीत के वचन गाए 2 उसनै इस तरियां गाया,
"यहोवा मेरी चट्टान, अर मेरा गढ़, मेरा छुड़ाण आळा,
3 मेरा चट्टानरूपी परमेसवर सै, जिसका मै शरणागत सूं,
मेरी ढाल, मेरा बचाण आळा सींग, मेरा ऊँच्चा गढ़, अर मेरा शरणस्थान सै,
हे मेरे उद्धारकर्ता, तू उपद्रव तै मेरा उद्धार करया करै सै।
4 मै यहोवा नै जो स्तुति कै काबिल सै पुकारूँगा,
अर मै अपणे बैरियाँ तै बचाया जाऊँगा।"
5 "मौत की तरंगां नै तो मेरे ताहीं च्यांरु ओड़ तै घेरा गेर लिया,
नास्तिकपन की धाराओं नै मेरे ताहीं घबरा दिया था;
6 अधोलोक की रस्सियाँ मेरे च्यांरु ओड़ थी,
मौत के फंदे मेरै स्याम्ही थे।"
7 अपणी मुसीबत म्ह मन्नै यहोवा ताहीं पुकारया;
अर अपणे परमेसवर के स्याम्ही चिल्लाया।
उसनै मेरी बात ताहीं अपणे आराधनालय म्ह तै सुण लिया,
अर मेरी दुहाई उसके कान्नां म्ह पोहची।
8 "फेर धरती हालगी अर डोल उठी;
अर अकास की नींवें काँप कै घणीए हालगी,
क्यूँके वो घणा छो म्ह होया था।
9 उसके नाक तै धुआँ लिकड़या,
अर उसके मुँह तै आग लिकड़कै भस्म करण लाग्गी;
जिसतै कोयले दहक उठे।"
10 अर वो सुर्ग नै झुका कै नीच्चै उतर आया;
अर उसके पाँयां तळै घोर अन्धकार छाया था।
11 वो करूब पै सवार होकै उड्या,
अर हवा के पंखां पै चढ़कै दिखाई दिया।
12 उसनै अपणे च्यांरु और के अंधियारे ताहीं, बादळां के झुण्ड,
अर अकास की काळी घटाया ताहीं अपणा मण्डप बणाया।
13 उसके स्याम्ही कै तेज तै,
आग के कोयले दहक उठे।
14 यहोवा अकास म्ह तै गरज्या,
अर परमप्रधान नै अपणी वाणी सुणाई।
15 उसनै तीर चला-चलाकै मेरे दुश्मनां ताहीं आस्सै-पास्सै कर दिया,
अर बिजळी गिरा गिराकै उस ताहीं हरा दिया।
16 फेर समुन्दर की थाह दिखाई देण लाग्गी,
अर जगत की नेवें खुलगी, या तो यहोवा की डाँट तै,
अर उसके नथनां की साँस की झोंक तै होया।
17 "उसनै उप्पर तै हाथ बढ़ाकै मेरै ताहीं थाम लिया।
अर मेरे ताहीं डून्घे पाणी म्ह तै खींचकै बाहर लिकाड़या।
18 उसनै मेरै ताहीं मेरे बलवन्त दुश्मनां तै,
अर मेरे बैरियाँ तै, जो मेरे तै घणे ताकतवर थे, मन्नै छुड़ा लिया।
19 उननै मेरी विपत्ति के दिन मेरा सामना तो करया;
पर यहोवा मेरा आश्रय था।
20 उसनै मेरे ताहीं लिकाड़कै चौड़ी जगहां म्ह पोहचाया;
उसनै मेरे ताहीं छुड़ाया, क्यूँके वो मेरे तै खुश था।"
21 "यहोवा नै मेरे तै मेरी धार्मिकता के मुताबिक बरताव करया;
मेरे काम्मां की शुद्धता के मुताबिक उसनै मेरे ताहीं बदला दिया।"
22 क्यूँके मै यहोवा की राह पै चाल्दा रह्या,
अर अपणे परमेसवर तै मुँह मोड़कै दुष्ट ना बण्या।
23 उसके सारे नियम तो मेरै स्याम्ही बणे रहे,
अर मै उसकी विधियाँ तै हट न्ही गया।
24 मै उसके गैल खरा बणा रह्या,
अर अधर्म तै अपणे-आपनै बचाए रह्या,
जिस म्ह मेरे फसण का डर था।
25 ज्यांतै यहोवा नै मेरे ताहीं मेरी धार्मिकता कै मुताबिक बदला दिया,
मेरी उस शुद्धता कै मुताबिक जिसनै वो देख्या करदा।
26 बिश्वासयोग्य के गैल तू अपणे-आपनै बिश्वासयोग्य दिखावै;
खरे माणस कै गैल तू अपणे-आपनै खरा दिखावै सै;
27 शुद्ध कै गैल तू अपणे-आपनै शुद्ध दिखावै;
अर टेढ़े कै गैल तू तिरछा बणै सै।
28 अर दीन माणसां नै तो तू बचावै सै,
पर घमण्डियाँ पै निगांह करकै उननै नीच्चा करै सै।
29 हे यहोवा, तू ए मेरा दीपक सै,
अर यहोवा मेरे अंधेरै नै दूर करकै उजियाळा कर देवै सै।
30 तेरी मदद तै मै सेना उप्पर धावा करुँ,
अपणे परमेसवर की मदद तै मै शहरपनाह नै लाँघ जाऊँ सूं।
31 परमेसवर की रफतार खरी सै;
यहोवा का वचन त्याया होया सै;
वो अपणे सारे शरणागतां की ढाल सै।
32 "यहोवा नै छोड़, के कोए परमेसवर सै?"
म्हारे परमेसवर नै छोड़ के और कोए चट्टान सै?
33 यो वोए परमेसवर सै, जो मेरा घणा मजबूत किला सै,
वो खरे माणस नै अपणे रास्ता म्ह लिए चालै सै।
34 वो मेरे पैरां नै हिरण की तरियां बणा देवै सै,
अर मन्नै ऊँच्ची जगहां पै खड़या करै सै।
35 वो मेरे हाथां नै युद्ध करणा सिखावै सै,
उरै ताहीं के मेरी बांह पीतळ के धनुष नै झुका देवै सैं।
36 तन्नै मेरे ताहीं अपणे उद्धार की ढाल दी सै,
अर तेरी नम्रता मन्नै बढ़ावै सै।
37 तू मेरे पैरां खात्तर जगहां चौड़ी करै सै,
अर मेरे पैर न्ही फिसळे।
38 मन्नै अपणे बैरियाँ का पिच्छा करकै उनका सत्यानाश कर दिया,
अर जिब तक उनका अन्त ना करया जिब ताहीं ना बोहड़या।
39 मन्नै उनका नाश करया;
अर उन ताहीं इसा छेद दिया सै के वे उठ न्ही सकदे;
बल्के वे तो मेरे पाँयां कै नीच्चै गिरे पड़े सैं।
40 तन्नै युद्ध खात्तर मेरी कमर बलवन्त करी;
अर मेरे बिरोधियाँ ताहीं मेरे स्याम्ही हरा दिया।
41 अर तन्नै मेरे दुश्मनां की पीठ मेरे ताहीं दिखाई,
ताके मै अपणे दुश्मनां नै काट देऊँ।
42 उननै बाट तो देक्खी, पर कोए बचाण आळा ना मिल्या;
उननै यहोवा की भी बाट देक्खी,
पर उसनै उन ताहीं कोए जवाब न्ही दिया।
43 फेर मन्नै उन ताहीं कूट-कूटकै भूमि की धूळ कै बराबर कर दिया,
मन्नै उन ताहीं सड़कां अर गळी कूच्या के कीचड़ कै बराबर पटककै च्यांरु और फैला दिया।
44 "फेर तन्नै मेरे ताहीं प्रजा के झगड्या तै छुड़ाकै गैरजात्तां का प्रधान होण कै खात्तर मेरी मदद करी;
जिन माणसां नै मै न्ही जाण्या करदा वे भी मेरे नीच्चै हो जावैंगे।
45 परदेशी मेरी चापलूसी करैंगे;
वे मेरा नाम सुणदे ए मेरे वश म्ह आवैंगे।
46 परदेशी मुर्झावैगें,
अर अपणे किलां म्ह तै थरथरान्दे होए लिकड़ैगें।"
47 यहोवा जिन्दा सै; मेरी चट्टान धन्य सै,
अर परमेसवर जो मेरे उद्धार की चट्टान सै, उसकी महिमा हो।
48 धन्य सै मेरा पलटा लेण आळा परमेसवर,
जो देश-देश के माणसां नै मेरे बस म्ह कर देवै सै,
49 अर मन्नै मेरे दुश्मनां कै बीच तै लिकाड़ै सै;
हाँ, तू मन्नै मेरे बिरोधियाँ तै ऊँच्चा करै सै,
अर उपद्रवी माणस तै बचावै सै।
50 "इस कारण, हे यहोवा, मै जात-जात के स्याम्ही तेरा धन्यवाद करुँगा,
अर तेरे नाम का भजन गाऊँगा
51 वो अपणे ठहराए होए राजा का बड़ा उद्धार करै सै,
वो अपणे अभिषिक्त दाऊद, अर उसके खानदान
पै युगानुयुग करुणा करदा रहवैगा।"