1 यहोवा न्यू कहवै सै, हे इस्राएल के घराने जो वचन यहोवा थारे तै कहवै सै उसनै सुणो। 2 "गैरजात्तां की चाल ना सीखो, ना उनकी तरियां अकास के निशान्नां तै अचम्भा हो, इस करकै के गैर जात्ति के माणस उनतै अचम्भा होवै सैं। 3 क्यूँके देशां के माणसां की रीत तो निकम्मी सैं। मूरत तो बण म्ह तै किसे का काटया होया काट सै जिस ताहीं कारीगर नै बसूले तै बणाया सै। 4 माणस उस ताहीं सोन्ने-चाँदी तै सजावै अर हथौड़े तै कील ठोक-ठोक कै मजबूत करै सैं के वो हाल ना सकै। 5 वे मूर्ति काकड़ी के खेत म्ह खड़े पुतळे की तरियां सैं, पर बोल न्ही सकदी; उननै ठाए फिरणा पड़ै सै, क्यूँके वे चाल न्ही सकदी। उनतै ना डरो, क्यूँके, ना तो वे कुछ बुरा कर सकै सैं अर ना कुछ भला।"
6 हे यहोवा, तेरे बरगा कोए न्ही सै; तू महान सै, अर तेरा नाम पराक्रम म्ह बड़ा सै। 7 हे सारी जात्तां के राजा, तेरै तै कौण ना डरैगा? क्यूँके यो तेरे लायक सै; गैरजात्तां के सारे बुद्धिमानां म्ह, अर उनके सारे राजयां म्ह तेरे बरगा कोए न्ही सै। 8 वे मूर्ख अर निर्बुध्दि सै; मूरतां तै के शिक्षा? वे तो काठ ए सैं! 9 पत्तर बणाई होई चाँदी तर्शीश तै ल्याई जावै सै, अर ऊफाज तै सोन्ना। वे कारीगर अर सुनार के हाथां की कारीगरी सैं; उनके पहरावा नीले अर बैंगनी रंग के कपड़े सैं; उन म्ह जो कुछ सै वो माहिर कारीगरां की कारीगरी ए सै। 10 पर यहोवा वास्तव म्ह परमेसवर सै; जिन्दा परमेसवर अर सदा का राजा वोए सै। उसकै छो तै धरती काँम्बै सै, अर जात्ति-जात्ति के माणस उसके छो ताहीं सह न्ही सकदे।
11 थम उनतै न्यू कहिए, "ये देवता जिननै अकास अर धरती ताहीं न्ही बणाया वे धरती कै उप्पर तै अर अकास कै तळै तै नाश हो जावैंगे।"
12 उसे नै धरती ताहीं अपणी ताकत तै बणाया, उसनै जगत ताहीं अपणी बुद्धि तै स्थिर करया, अर अकास ताहीं अपणी माहिरता तै ताण दिया सै। 13 जिब वो बोल्लै सै फेर अकास म्ह पाणी का बड़ा शब्द होवै सै, अर धरती की छोर तै वो कुहरे नै ठावै सै। वो बारिस कै खात्तर बिजळी चमकावै, अर अपणे भण्डार म्ह तै हवा चलावै सै। 14 सारे माणस मूर्ख अर बिना ज्ञान के सैं; अपणी खोदी होई मूरतां कै कारण सारे सुनारां की उम्मीद टूटै सै; क्यूँके उनकी ढाळी होई मूरतां झूठ्ठी सैं, अर उन म्ह साँस न्ही सै। 15 यहोवा पूच्छै सै, वे बेकार अर मजाक ए कै लायक सैं; जिब उनकी सजा का बखत आवैगा फेर वे नाश हो जावैगी। 16 पर याकूब का खास हिस्सा उनकी तरियां न्ही सै, क्यूँके वो तो सारया का सृजनहार सै, अर इस्राएल उसका खास हिस्से का गोत्र सै; सेनाओं का यहोवा उसका नाम सै।
17 हे घेरे होए नगर की रहण आळी, अपणी गठड़ी धरती पै तै ठा! 18 क्यूँके यहोवा न्यू कहवै सै, "मै इब की बार इस देश के रहण आळयां नै मानो गोफन म्ह धरकै फेंक देऊँगा, अर उननै इसे-इसे संकट म्ह गेरूँगा के उनकी समझ म्ह भी न्ही आवैगा।"
19 मेरे पै हाय! मेरा जख्म ठीक होण का न्ही। फेर मन्नै सोच्या, "यो तो रोग ए सै, इस करकै मन्नै इस ताहीं सहणा चाहिये।" 20 मेरा तम्बू लूट्या ग्या, अर सारी रस्सियाँ टूटगी सैं; मेरे बाळक मेरे धोरै तै चले गये, और न्ही सैं; इब कोए न्ही रह्या जो मेरे तम्बू नै गाढ़ै अर मेरी कनातें खड़ी करै। 21 क्यूँके पाळी पशु सरीखे सैं, अर वे यहोवा ताहीं न्ही पुकारदे; इस्से कारण वे बुद्धि तै न्ही चाल्दे, अर उनकी सारी भेड़ आस्सै-पास्सै होगी सैं।
22 सुण, एक शब्द सुणाई देवै सै! देख, वो आ रह्या सै! उत्तर दिशा तै बड़ा सोर सराबा माच रह्या सै ताके यहूदा के नगरां नै उजाड़ कै गादड़ां की जगहां बणा दे।
23 हे यहोवा, मै जान ग्या सूं, के माणस का राह उसके बस म्ह न्ही सै, माणस चाल्लै तो सै, पर उसके कदम उसकै अधीन न्ही सैं। 24 हे यहोवा, मेरी ताड़ना कर, पर न्याय तै; छो म्ह आकै न्ही, किते इसा ना हो के मै नाश हो जाऊँ।
25 जो जात्ति तेरे ताहीं न्ही जाणदी, अर जो तेरै तै प्रार्थना न्ही करदी, उन्हे पै अपणी जळजळाहट उण्डेल; क्यूँके उननै याकूब ताहीं निगळ लिया, बलके, उस ताहीं खाकै अन्त कर दिया सै, अर उसके निवास-स्थान ताहीं उजाड़ दिया सै।