Pular para o conteúdo
Publicidade

यिर्मयाह 12

परमसवर िमयसव

1 यहा, कददमलड़ूँ, धरै; ीं अपणइस द-विकरण े। ां ूँ सफल ै? रण घणरहवैं? 2 उननअर जडपकड़ै; बढ़ै अर फळैं; उनकुँउनकमनै। 3 यहीं ै; ीं ै, अर तन्‍मन परकरकओडितरिां रहूँ ूं। ितरिां ़-बकरिाँ बलि तर ि़ी ैं, उसतरिां उननिअर वध ितर कर12:3 भजन. 17:3 4 कब ीं िकरदरहवा, अर रहव12:4 सारे मैदान की घास सूक्खी रहवैगी ओड़ै के बासिन्दया की बुराई कै कारण, माणस नबियाँ का मजाक करै सैं अर कहवै सैं, इसकी धमकियाँ के बावजूद भी हम इसतै घणा जिन्दा रहवांगे।? िदयरण पशु-पकैं, ूँउन णसां कहा, "अनीं ा।"

परमसवर जव

5 "ां थक ां ितरिां बरबरकर सका? अर ि इस िडर ै, पर यरदन नदआसै-घणगळ करा? 6 ूँअर घरणसां करै; ललकैं, िकहवैं, उनपिकरिे।"

7 यहकहव"मन्‍अपणघर12:7 घर इस्राएल िा, अपण12:7 खास भाग चुण्या होया राष्ट्र मन्‍िै; मन्‍अपणीं मनां बस कर िै। 8 ूँखण बण तरिां अर िगरजै; इस रण मन्‍उसतकरयै। 9 नजर धबआळिपकतरिां ै? िपकांओडउसनैं? गळी-पशकठकरो; उननै। 10 त-साँ12:10 पाळीयाँ विदेशी शासक ीं ििा, उननीं लता, बलकमनहर िीं नसगळ बणिै। 11 उननउस ीं उजिा; उजडिकर रहै। उजड12:11 सारा देश उजड़ ग्या सै उस उजड़े होए देश नै परमेसवर तै गुप्त पुकार करणा सै क्यूँके माणसां नै आणआळे विनाश की निशान्‍नी देखण तै इन्कार कर दिया सै।, चदा। 12 गळ ुंां करण आळचढआयैं; ूँयहतलवएक सरीं िकडै; िणस ीं ि िलदी। 13 उननकणक लग, पर ़िाँ ी, उननकषा, पर उसतयदा। यहभडकण रण अपणां फसल शरिो।"

मन ां ीं सज

14 िकमपड़ोउस िलगैं, िसकमन्‍अपणरजइसएल ीं बणै। उनकयहकहवै: "उननउनकधरतउखा, अर यहघरउनकउख़ूँा। 15 उननउखउनपदयकरुँा, अर उन हर एक उसकिअर धरतलगा।12:15 व्यव. 30:3 16 रजकसम, यहवन कसम, े, ितरिां उननरजीं कसम िा, रजउनकबढ़ैा। 17 पर ्‍ै, उस ि ीं इसउख़ूँकदी, यहै।"

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também