मन्दर म्ह यिर्मयाह का भाषण
1 योशिय्याह के बेट्टे यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य की शरुआत म्ह, यहोवा की ओड़ तै या वचन पोहच्या, 2 "यहोवा न्यू कहवै सै: यहोवा के भवन के आँगण म्ह खड़या होकै, यहूदा के सारे नगरां के माणसां कै स्याम्ही जो यहोवा के भवन म्ह दण्डवत करण नै आवै, ये वचन जिनकै बारै म्ह उनतै कहण का हुकम मै तन्नै देऊँ सूं कह दे; उन म्ह तै कोए वचन ना छोड़िये। 3 हो सकै सै के वे सुणकै अपणी-अपणी बुरी चाल तै फिरै अर मै उनका नुकसान करण तै पछताऊँ जो उनके बुरे काम्मां कै कारण मन्नै ठाण्या था। 4 इस करकै तू उनतै कह, ‘यहोवा न्यू कहवै सै: जै थम मेरी सुणकै मेरे नियम-कायदे के मुताबिक जो मन्नै थारै ताहीं सुणवा दी सै ना चाल्लो, 5 अर ना मेरे दास नबियाँ के वचनां पै कान लगाओ, (जिन ताहीं मै थारै धोरै बड़ी कोशिश करकै भेजदा आया सूं, फेर भी थमनै उनकी न्ही सुणी), 6 तो मै इस भवन नै शीलो की तरियां उजाड़ दियुँगा, अर इस यरुशलेम नगर का इसा सत्यानाश कर देऊँगा के धरती की सारी जातियाँ के माणस उसका उदाहरण दे-देकै श्राप दिया करैंगे।’"
यिर्मयाह की हत्या की साजिस
7 जिब यिर्मयाह ये वचन यहोवा के भवन म्ह कह रह्या था, फेर याजक अर नबी अर सारे साधारण माणस सुण रहे थे। 8 जिब यिर्मयाह सारा किमे जिसनै सारी प्रजा तै कहण का हुकम यहोवा नै दिया था कह दिया, फेर याजकां अर नबियाँ अर सारे साधारण माणसां नै या कहकै उस ताहीं पकड़ लिया, "पक्का तेरे ताहीं मौत की सजा मिलैगी! 9 तन्नै क्यूँ यहोवा कै नाम तै या भविष्यवाणी करी ‘यो भवन शीलो की तरियां उजाड़ हो जावैगा26:9 यो भवन शीलो की तरियां उजाड़ हो जावैगा यिर्मयाह पै यो दोष लगाया गया था के वो झूठ्ठी भविष्यवाणी करै सै जिसकी सजा मौत था। वे बिश्वास करै थे के यरुशलेम का शीलो के समान उजड़ जाणा असंभव था।, अर यो नगर इसा उजड़ैगा के उस म्ह कोए ना रह जावैगा’?" इतणा कहकै सारे साधारण माणसां नै यहोवा के भवन म्ह यिर्मयाह कै खिलाफ भीड़ लगाई।
10 यहूदा के हाकिम ये बात सुणकै, राजा कै भवन तै यहोवा के भवन म्ह चढ़ आये अर उसके नये फाटक म्ह बैठगे। 11 फेर याजकां अर नबियाँ नै हाकिमां अर सारे माणसां तै कह्या, "यो माणस मौत की सजा कै लायक सै, क्यूँके इसनै इस नगर कै खिलाफ इसी भविष्यवाणी करी सै जिसनै थम भी अपणे कान्नां तै सुण चुके सो।26:11 प्रेरि. 6:11-14"
यिर्मयाह का बचाव
12 फेर यिर्मयाह नै सारे हाकिमां अर सारे माणसां तै कह्या, "जो वचन थमनै सुणे सैं, उस ताहीं यहोवा ए नै मेरे ताहीं इस भवन अर इस नगर कै खिलाफ भविष्यवाणी की रीति पै कहण कै खात्तर भेज दिया सै। 13 इस करकै इब अपणा चाल चलण अर अपणे काम सुधारो, अर अपणे परमेसवर यहोवा की बात मान्नो; फेर यहोवा उस विपत्ति कै बारै म्ह जिसका जिक्र उसनै थारै तै करया सै, पछतावैगा। 14 देक्खो, मै थारै बस म्ह सूं; जो कुछ थारी नजर म्ह भला अर ठीक हो वोए मेरे गैल करो। 15 पर यो पक्का जाणो, के जै थम मेरे ताहीं मार देओगे, तो अपणे आप ताहीं अर इस नगर ताहीं अर इसके बासिन्दया ताहीं निर्दोष के हत्यारे बणाओगे; क्यूँके सचमुच यहोवा नै मेरे ताहीं थारै धोरै यो सारे वचन सुणाण के खात्तर भेज्या सै।"
यिर्मयाह का छोड्या जाणा
16 फेर हाकिमां अर सारे माणसां नै याजकां अर नबियाँ तै कह्या, "यो माणस मौत की सजा कै लायक न्ही सै क्यूँके उसनै म्हारे परमेसवर यहोवा कै नाम तै म्हारे तै कह्या सै।" 17 फेर देश के पुरनियां म्ह तै कितन्याँ नै उठकै प्रजा की सारी मण्डळी तै कह्या, 18 "यहूदा के राजा हिजकिय्याह कै दिनां म्ह मोरेशेत का रहण आळा मीका भविष्यवाणी करै था, उसनै यहूदा के सारे माणसां तै कह्या: ‘सेनाओं का यहोवा न्यू कहवै सै के सिय्योन जोतकै खेत बणाया जावैगा अर यरुशलेम खण्डहर हो जावैगा, अर भवन आळा पहाड़ जंगळी जगहां हो जावैगा।’ 19 के यहूदा के राजा हिजकिय्याह नै या किसी यहूदी नै उस ताहीं कित्त मरवा गेरया? के उस राजा नै यहोवा का भय ना मान्या अर उसतै बिनती ना करी? फेर यहोवा नै जो विपत्ति उनपै गेरण कै खात्तर कह्या था, उसकै बारै म्ह के वो ना पछताया? इसा करकै हम अपणी जान का बड़ा नुकसान करैंगे।"
भविष्यवक्ता ऊरिय्याह
20 फेर शमायाह का बेट्टा ऊरिय्याह नाम का किर्यत्यारीम का एक माणस जो यहोवा कै नाम तै भविष्यवाणी करै था उसनै भी इस नगर अर इस देश कै खिलाफ ठीक इसीए भविष्यवाणी करी जिसी यिर्मयाह नै इब्बे करी सै। 21 जिब यहोयाकीम राजा अर उसके सारे वीरां अर सारे हाकिमां नै उसके वचन सुणे, फेर राजा नै उस ताहीं मरवा देण की कोशिश करी; अर ऊरिय्याह या सुणकै डर के मारे मिस्र म्ह भाज ग्या। 22 फेर यहोयाकीम राजा नै मिस्र म्ह माणस भेज्जे यानिके अकबोर के बेट्टे एलनातान26:22 एलनातान राजा का ससुर हो सकै सै ताहीं कितणे और माणसां के गैल मिस्र म्ह भेज्या। 23 वे ऊरिय्याह नै मिस्र तै लिकाड़कै यहोयाकीम राजा कै धोरै ले आवै; अर उसनै उस ताहीं तलवार तै मरवा कै उसकी लोथ ताहीं साधारण माणसां की कब्रां म्ह फिकवा दिया।
24 पर शापान का बेट्टा अहीकाम यिर्मयाह की मदद करण लाग्या अर वो माणसां कै बस म्ह मरण खात्तर न्ही दिया ग्या।