1 जिब अंगरक्षकां के प्रधान नबूजरदान नै यिर्मयाह ताहीं रामाह म्ह उन सारे यरुशलेमी अर यहूदी बन्दियाँ कै बीच हथकड़ियाँ तै बन्धा होया पाकै जो बाबेल जाण नै थे छुड़ा लिया, उसकै बाद यहोवा का वचन उसकै धोरै पोहच्या। 2 अंगरक्षकां के प्रधान नबूजरदान नै यिर्मयाह तै उस बखत अपणे धोरै बुला लिया, अर कह्या, "इस जगहां पै या जो विपत्ति पड़ी सै वो तेरे परमेसवर यहोवा की कही होई थी। 3 जिसा यहोवा नै कह्या था उसाए उसनै पूरा भी करया सै। थमनै जो यहोवा के बिरुध्द पाप करया अर उसके हुकम न्ही मान्ने, इस कारण थारी यो हालत होई सै। 4 इब मै तेरी इन हथकड़ियाँ नै काट देऊँ सूं, अर जै मेरे गैल बाबेल म्ह जाणा तन्नै आच्छा लाग्गै तो चाल, ओड़ै मै तेरै पै दया की नजर राखूँगा; अर जै मेरे संग बाबेल जाणा तन्नै ना भावै, तो उरैए रह ज्या। देख, सारा देश तेरे स्याम्ही पड़या सै, जित्त जाणा तन्नै आच्छा अर ठीक लाग्गै ओड़ ए चल्या ज्या।" 5 वो ओड़ैए था के नबूजरदान नै फेर उसतै कह्या, "गदल्याह जो अहीकाम का बेट्टा अर शापान का पोत्ता सै, जिस ताहीं बाबेल के राजा नै यहूदा के नगरां पै अधिकारी ठहराया सै, उसके धोरै बोहड़ ज्या अर उसकै गैल माणसां कै बीच रह, या जित्त किते तन्नै जाणा ठीक जान पड़ै ओड़ैए चल्या ज्या।" अंत म्ह अंगरक्षकां के प्रधान नै उस ताहीं खाण का समान अर कुछ उपहार भी देकै विदा करया। 6 फेर यिर्मयाह अहीकाम के बेट्टे गदल्याह कै धोरै मिस्पा म्ह गया, अर ओड़ै उन माणसां के बीच जो देश म्ह रहगे थे, रहण लाग्या।
7 योद्धाओं के जो दल देहात म्ह थे, जिब उनके सारे प्रधानां नै अपणे जनां समेत सुणा के बाबेल के राजा नै अहीकाम के बेट्टे गदल्याह ताहीं देश का अधिकारी ठहराया सै, अर देश के जिन कंगाल माणसां नै वो बाबेल म्ह न्ही लेग्या, के माणस, के जनान्नी, के बाल-बच्चे, उन सारया ताहीं उस ताहीं सौंप दिया सै, 8 फेर नतन्याह का बेट्टा इश्माएल, कारेह का बेट्टा योहानान, योनातान अर तन्हूमेत का बेट्टा सरायाह, एपै नतोपा के बासिन्दे के बेट्टे अर किसी माकावासी का बेट्टा याजन्याह अपणे जनां समेत गदल्याह कै धोरै मिस्पा म्ह आए। 9 गदल्याह जो अहीकाम का बेट्टा अर शापान का पोत्ता था, उसनै उनतै अर उनके जनां तै कसम खाकै कह्या, "कसदियाँ के अधीन रहण तै ना डरो। इस्से देश म्ह रहन्दे होए बाबेल के राजा के अधीन रहो फेर थारा भला होवैगा। 10 मै तो इस करकै मिस्पा म्ह रहूँ सूं के जो कसदी माणस म्हारे उरै आए, उनकै स्याम्ही हाजिर होया करुँ; पर थारे दाखमधु अर धूपकाल के फळ अर तेल ताहीं बटोरकै अपणे बरतनां म्ह राक्खो अर अपणे खात्तर होए नगरां म्ह बसे रहो।" 11 फेर जिब मोआबियाँ, अम्मोनियाँ, एदोमियां अर दुसरे सारे जातियाँ कै बीच रहण आळे सारे यहूदियाँ नै सुण्या के बाबेल के राजा नै यहूदियाँ म्ह तै कुछ माणसां ताहीं बचा लिया अर उनपै गदल्याह ताहीं जो अहीकाम का बेट्टा अर शापान का पोत्ता सै अधिकारी ठहराया गया सै, 12 फेर सारे यहूदी जिस-जिस जगहां म्ह आस्सै-पास्सै होगे थे, ओड़ै तै बोहड़कै यहूदा देश के मिस्पा नगर म्ह गदल्याह कै धोरै, अर घणा दाखमधु अर धूपकाल के फळ बटोरण लाग्गे।
13 फेर कारेह का बेट्टा योहानान अर मैदान म्ह रहण आळे योद्धा के सारे दलां के प्रधान मिस्पा म्ह गदल्याह कै धोरै आकै कहण लाग्गे, 14 "के तू जाणै सै कै अम्मोनियाँ के राजा बालीस नै नतन्याह के बेट्टे इश्माएल नै तेरे ताहीं जान तै मारण कै खात्तर भेज्या सै?" पर अहीकाम के बेट्टे गदल्याह नै उनपै बिश्वास ना करया। 15 फेर कारेह के बेट्टे योहानान नै गदल्याह तै मिस्पा म्ह छिपकै कह्या, "मन्नै जाकै नतन्याह के बेट्टे इश्माएल ताहीं मार गेरण दे अर कोए इसनै ना जाणैगा। वो क्यूँ तन्नै मार गेरै, अर जितने यहूदी माणस तेरे धोरै कठ्ठे होए सैं वे क्यूँ आस्सै-पास्सै हो जावै अर बचे होए यहूदी क्यूँ नाश हों?" 16 अहीकाम के बेट्टे गदल्याह नै कारेह के बेट्टे योहानान तै कह्या, "इसा काम ना कर, तू इश्माएल कै बारै म्ह झूठ बोल्लै सै।"