1 फेर यहोवा नै दुसरे दर्शन म्ह दिखाया के यहोशू महायाजक ताहीं यहोवा के दूत कै स्याम्ही खड़या होया मेरे ताहीं दिखाया, अर शैतान उसकी सोळी और उसका बिरोध करण नै खड़या था। 2 फेर यहोवा के सुर्गदूत नै शैतान तै कह्या, "हे शैतान यहोवा तेरे ताहीं झिड़कै! यहोवा जो यरुशलेम नै अपणा लेवै सै, ओड़ै तेरे ताहीं झिड़कै! के यो आग तै लिकाड़ी होई लुकटी जिसी न्ही सै?" 3 उस बखत यहोशू तो दूत कै स्याम्ही मैल्ले कपड़े पैहरे होए खड़या था। 4 फेर दूत नै सुर्ग के माणसां ताहीं कह्या, "इसके ये मैल्ले कपड़े उतारो।" फेर उसनै उसतै कह्या, "देख, मन्नै तेरा अधर्म दूर करया सै, अर मै तेरे ताहीं सुन्दर कपड़े पैहरया देऊँ सूं।" 5 फेर मन्नै कह्या, "इसके सिर पै एक शुद्ध पगड़ी धरी जावै।" अर उननै उसके सिर पै याजक के योग्य शुद्ध पगड़ी धरी, अर उस ताहीं कपड़े पिहराए; उस बखत यहोवा का दूत धोरै खड़या रहया।
6 फेर यहोवा के दूत नै यहोशू तै चिताकै कह्या, 7 "सेनाओं का यहोवा तन्नै न्यू कहवै सै: जै तू मेरे राह पै चाल्लै, अर जो कुछ मन्नै तेरे ताहीं सौंप दिया सै उसकी हिफाजत करै, तो तू मेरे भवन का न्यायी, अर मेरे आँगणां का रक्षक होगा; अर मै तेरे ताहीं इनके बीच म्ह आण-जाण देऊँगा जो धोरै खड़े सैं। 8 हे यहोशू महायाजक, तू सुण ले, अर तेरे साथी याजक जो तेरै स्याम्ही खड़े सैं वे भी सुणै, क्यूँके वे माणस शुभ शकुन सै सुणो, मै अपणे दास शाख म्ह मसीह नै शाखा कह्या गया सै। नै प्रगट करुँगा। 9 उस पत्थर नै देख जिस ताहीं मन्नै यहोशू कै आगै धरया सै, उस एके पत्थर कै उप्पर सात आँख बणी सै, सेनाओं के यहोवा की या वाणी सै, देख मै उस पत्थर पै खोद देऊँ सूं, अर इस देश के अधर्म नै एके दिन म्ह दूर कर दियुँगा। 10 उसे दिन थम अपणे-अपणे भाई-बन्धुआं नै दाखलता अर अंजीर के पेड़ कै नीच्चै आण खात्तर बुलाओगे, सेनाओं के यहोवा की याए वाणी सै।"