1 दारा के जरिये फारस पै राज के दुसरे साल के आठवें महिन्ने म्ह जकर्याह भविष्यवक्ता कै धोरै जो बेरेक्याह का बेट्टा अर इद्दो का पोत्ता था, यहोवा का यो वचन पोंहच्या,. 2 "सेनाओं का यहोवा थारे माणसां के पुरखा तै घणाए छो म्ह होया था। 3 इस करकै तू इन माणसां तै कह, सेनाओं का यहोवा न्यू कहवै सै: थम मेरे धोरै आओ, सेनाओं के यहोवा की याए वाणी सै, फेर मै थारै धोरै आऊँगा, सेनाओं के यहोवा का योए वचन सै। 4 अपणे पुरखां की तरियां ना बणो, उन ताहीं तो पूर्वकाल के भविष्यवक्ता न्यू पुकार-पुकारकै कहवैं थे, ‘सेनाओं का यहोवा न्यू कहवै सै, अपणे बुरे राह तै, अर अपणे बुरे काम्मां नै छोड़ दो;’ लेकिन उननै ना तो सुण्या, अर ना मेरी और ध्यान दिया, यहोवा की याए वाणी सै। 5 थारे पुरखां कित्त रहे? भविष्यवक्ता के सदा जिन्दा रहवै सै। 6 लेकिन मेरे वचन अर मेरे हुकम जिन ताहीं मन्नै अपणे दास नबिया तै दिया थे, के वे थारे पुरखां पै पूरे ना होए? फेर उननै मन फिराया अर मेरे तै कह्या, सेनाओं के यहोवा नै म्हारे चाल चलण अर काम्मां कै मुताबिक म्हारे तै बरताव करण का पक्का करया था, उसाए उसनै म्हारे ताहीं बदला दिया सै।"
7 दारा के दुसरे साल के शबात नाम के ग्यारहवें महिन्ने के चौबीसवें दिन ताहीं जकर्याह नबी के धोरै जो बेरेक्याह का बेट्टा अर इद्दो का पोत्ता था, यहोवा का वचन इस तरियां पोंहच्या 8 "मन्नै रात नै सपना म्ह देख्या के एक माणस लाल घोड़े पै चढ़या होया उन मेंहदियां कै बिचाळै खड़या सै जो नीच्चै जगहां म्ह सै, अर उसकै पाच्छै लाल अर भूरे अर धोळे घोड़े भी खड़े सैं। 9 फेर मन्नै सुर्गदूत तै पूच्छया, ‘हे मेरे प्रभु ये कौण सैं?’ फेर जो दूत मेरे तै बात करण लागरया था, उसनै मेरे तै कह्या, ‘मै तन्नै दिखाऊँगा के ये कौण सैं।’ 10 फेर जो माणस मेंहदियां के बीच खड़या था, उसनै कह्या, ‘ये वे सैं जिन ताहीं यहोवा नै धरती पै सैर यानिके घूम्मण कै खात्तर भेज्या सै।’ 11 फेर उननै यहोवा के उस दूत तै जो मेंहदियां के बीच खड़या था, कह्या, ‘हमनै धरती की सैर करी सै, अर के देख्या के सारी पृथ्वी म्ह शान्ति अर चैन सै।’"
12 "फेर यहोवा के दूत नै प्रार्थना म्ह कह्या, ‘हे सेनाओं के यहोवा, तू जो यरुशलेम अर यहूदा के नगरां पै सत्तर साल तै छो म्ह सै, इस कारण तू उनपै कद ताहीं दया ना करैगा?’ 13 अर यहोवा नै जवाब म्ह उस दूत तै जो मेरे तै बात करण लागरया था, आच्छी-आच्छी अर शान्ति की बात कही। 14 फेर जो दूत मेरे तै बात करण लागरया था, उसनै मेरे ताहीं कह्या, ‘तू पुकारकै कह के सेनाओं का यहोवा न्यू कहवै सै’, मेरे ताहीं यरुशलेम अर सिय्योन कै खात्तर बड़ी जळण होई सै। 15 जो गैर जात सुख तै रहवैं सै, उनतै मै छो म्ह सूं; क्यूँके मन्नै तो थोड़ा-सा छो करया था, लेकिन उननै विपत्ति ताहीं बढ़ा दिया। 16 इस कारण यहोवा न्यू कहवै सै, इब मै दया करकै यरुशलेम म्ह बोहड़ आया सूं; मेरा भवन उस म्ह बणैगा, अर यरुशलेम पै नाप्पण की डोरी डाल्ली जावैगी, सेनाओं के यहोवा की याए वाणी सै।"
17 "‘फेर न्यू भी पुकारकै कह के सेनाओं का यहोवा न्यू कहवै सै, मेरे नगर फेर बढ़िया चिज्जां तै भर जावैंगे, अर यहोवा फेर सिय्योन नै शान्ति देगा; अर यरुशलेम नै फेर अपणा ठहरावैगा।’"
18 फेर मन्नै जो आँख ठाई, तो के देख्या के च्यार सींग सै। 19 फेर जो दूत मेरे तै बात करण लागरया था, उसतै मन्नै पूछ्या, "ये के सै?" उसनै मेरे ताहीं कह्या, "ये वेए सींग सैं, जिननै यहूदा अर इस्राएल अर यरुशलेम ताहीं आस्सै-पास्सै करया सै।" 20 इसके बाद यहोवा नै मेरे ताहीं च्यार लोहार दिखाए। 21 फेर मन्नै पूछ्या, "ये के करण नै आए सैं?" उसनै जवाब दिया, "ये वेए सींग सैं, जिननै यहूदा ताहीं इसा आस्सै-पास्सै करया के कोए सिर ना ठा सक्या; लेकिन ये माणस उननै भगाण कै खात्तर अर उन जात्तां के सींगां ताहीं काट डालण कै खात्तर आए सै जिननै यहूदा के देश ताहीं आस्सै-पास्सै करण कै खात्तर उनके खिलाफ अपणे-अपणे सींग ठाए थे।"