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यहोशू 20

शरण नगरां हर

1 यहयहकहा, 2 "इसएलिाँ कह, मन्‍जरिीं शरण नगरां चरकरउसकिउन ीं ठहरो, 3 िसतििै, उन िै; ांनगर बदलआळबचण तर शरणस्‍हरें। 4 उन नगरां िएक ै, अर उस नगर टक खडउसकरनिां अपणकददमकह ै; अर उसनअपणनगर अपणिें, अर उसनजगहां ें, िउनकरहवै। 5 अर बदलआळउसकिकरै, णकउसनअपणपड़ोीं िे, अर हलउसतिरया, उस ्‍उसकै। 6 अर िीं मणडळतर खडो, अर िीं उन िां महजक मर ै, तब ीं उसनगर रहवै; उसक्‍अपणनगर हडिसतआयअपणघर रहण ै।’"

7 अर उन ीं नपपह़ी गलै, अर एपपह़ी ै, अर यहपह़ी ियतअरै, (ै) पविहरा। 8 अर यरयरदन और उन ीं ै, गळ रस धरतबसै, अर ििै, अर मनशिलन हरा। 9 इसएलिाँ तर, अर उनकिरहणआळपरदिाँ तर ी, नगर इस इरठहरगए िउन िै, अर िीं तर मणडळखडो, तब ीं बदलआळउस ीं रण ै, ैं।

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