1 यहोवा का वचन जो यिर्मयाह कै धोरै सूखा पड़ण के बारै म्ह पोहच्या 2 "यहूदा विलाप करदा अर फाटकां म्ह माणस शोक का पहरावा पहरे होए धरती पै उदास बैठ्ठे सैं; अर यरुशलेम की चिल्लाहट अकास ताहीं पोहच गई सै। 3 उनके बड़े माणस उनके छोट्टे माणसां ताहीं पाणी कै खात्तर भेज्जै सैं; वे खड्डया पै आकै पाणी न्ही पान्दे, इस करकै खाल्ली बरतन लिए होए घर बोहड़ जावै सैं; वे शर्मिन्दा अर निराश होकै सिर ढाँप लेवै सैं। 4 देश म्ह बारिस ना होण तै धरती म्ह दरार पड़गी सैं, इस कारण किसान निराश होकै सिर ढाँप लेवै सैं। 5 हिरणी भी मैदान म्ह बच्चा पैदा कर छोड़ जावै सै क्यूँके हरी घास न्ही मिलदी। 6 जंगळी गधे भी मुंडे टील्यां पै खड़े होए गादड़ां की तरियां हाँफै सैं; उनकी आँख्यां धुँधळान्दी जावै सैं क्यूँके हरियाली कुछ भी न्ही सै।"
7 "हे यहोवा, म्हारे अधर्म के काम म्हारे बिरुध्द गवाही दे रहे सैं, हम तेरा साथ छोड़कै घणे दूर भटक गए सां, अर हमनै तेरै खिलाफ पाप करया सै; तोभी, तू अपणे नाम कै मुताबिक कुछ कर। 8 हे इस्राएल के आधार, संकट कै बखत उसका बचाण आळा तू ए सै, तू क्यूँ इस देश म्ह परदेशी की तरियां सै? तू क्यूँ उस मुसाफिर की तरियां सै जो पूरी रात रहण कै खात्तर किते टिक्या हो? 9 तू क्यूँ एक हैरान माणस या इसे वीर की तरियां सै जो बचा ना सकै? तोभी हे यहोवा तू म्हारे बीच म्ह सै, अर हम तेरे कुह्वावां सा; इस करकै म्हारे ताहीं ना छोड़।"
10 यहोवा नै इन माणसां कै बारै म्ह यो कह्या: "इन ताहीं इसा भटकणा आच्छा लाग्गै सै; ये कुकर्म म्ह चालण तै न्ही रुके; इस करकै यहोवा इनतै खुश ना सै, वो इनका अधर्म याद करैगा अर उनके पाप की सजा देवैगा।"
11 फेर यहोवा नै मेरे ताहीं कह्या, "इस प्रजा की भलाई कै खात्तर प्रार्थना ना कर। 12 चाहे वे उपवास भी करै, तोभी मै इनकी दुहाई ना सुणूँगा, अर चाहे वे होमबलि अर अन्नबलि चढ़ावैं, तोभी मै उनतै खुश ना होऊँगा; मै तलवार, काळ अर मरी कै जरिये इनका अन्त कर दियुँगा।"
13 फेर मन्नै कह्या, "हाय, प्रभु यहोवा, देख, नबी इनतै कहवै सैं ‘ना तो थारे पै तलवार चाल्लैगी अर ना काळ होवैगा, यहोवा थारे ताहीं इस जगहां म्ह सदा की शान्ति देवैगा।’" 14 फेर यहोवा नै मेरे ताहीं कह्या, "ये नबी मेरा नाम लेकै झूठ्ठी भविष्यवाणी करै सैं, मन्नै उन ताहीं ना तो भेज्या अर ना कुछ हुकम दिया अर ना उनतै कोए भी बात कही। वे थारे माणसां तै दर्शन का झूठ्ठा दावा करकै अपणे ए मन तै बेकार अर धोक्खे की भविष्यवाणी करै सैं। 15 इस कारण जो नबी मेरे बिना भेज्जे मेरा नाम लेकै भविष्यवाणी करै सैं ‘उस देश म्ह ना तो तलवार चाल्लैगी अर ना काळ होवैगा,’ उनकै बारै म्ह यहोवा न्यू कहवै सै, के वे नबी आप तलवार अर काळ कै जरिये नाश करे जावैंगे। 16 अर जिन माणसां तै वे भविष्यवाणी कहवै सैं, वे काळ अर तलवार कै जरिये मर जाण पै इस तरियां यरुशलेम की सड़कां म्ह फेंक दिए जावैंगे, के ना तो उनका, ना उनकी जनानियाँ का अर ना उनके बेट्टे-बेटियाँ का कोए माट्टी देण आळा रहवैगा। क्यूँके मै उनकी बुराई उन्हे के उप्पर गेरूँगा।"
17 यिर्मयाह, "तू उनतै या बात कह, ‘मेरी आँख्यां तै दिन-रात आँसू लगातार बहन्दे रहे, वे ना रुके क्यूँके मेरे माणसां की कुँवारी बेट्टी घणीए कुचळी गई अर घायल होगी सै। 18 जै मै मैदान म्ह जाऊँ, तो देक्खो, तलवार के मारे होए पड़े सैं! अर जै मै नगर कै भित्तर आऊँ, तो देक्खो, भूख तै अधमरे पड़े सैं! क्यूँके नबी अर याजक देश म्ह कमाई करदे फिरै अर समझ न्ही राक्खै सैं।’"
19 के तन्नै यहूदा तै बिलकुल हाथ ठा लिया? के तू सिय्योन तै नफरत करै सै? ना, तन्नै क्यूँ म्हारे ताहीं इसा मारया सै के हम चंगे होए न्ही सकदे? हम शान्ति की बाट देखदे रहे, तोभी कुछ कल्याण ना होया; अर जै हम आच्छे हो जाण की उम्मीद करदे रहे, तोभी घबराणा ए पड़या सै। 20 हे यहोवा, हम अपणी दुष्टता अर अपणे पुरखां के अधर्म ताहीं भी मान लेवां सां, क्यूँके हमनै तेरै खिलाफ पाप करया सै। 21 अपणे नाम कै मुताबिक हमनै ना ठुकरा; अपणे तेजोमय सिंहासन की बेजती ना कर; जो करार तन्नै म्हारे गैल बाँध्या, उसनै याद कर अर उसनै ना तोड़। 22 के जात-जात की मूरतां म्ह तै कोए बारिस कर सकै सै? के अकास झड़ियाँ लगा सकै सै? हे म्हारे परमेसवर यहोवा, के तू ए इन सारी बात्तां का करण आळा न्ही सै? हम तेराए आसरा देखदे रहवांगे, क्यूँके इन सारी चिज्जां का बणाण आळा तू ए सै।