1 यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के धोरै पोहच्या वो यो सै: 2 "इस्राएल का परमेसवर यहोवा तेरै तै न्यू कहवै सै, जो वचन मन्नै तेरै तै कहे सैं उन सारया नै किताब म्ह लिख ले। 3 क्यूँके यहोवा की या वाणी सै, इसे दिन आवै सैं के मै अपणी इस्राएली अर यहूदी प्रजा नै गुलाम्मी तै बोहड़ा ल्याऊँगा; अर जो देश मन्नै उनके पितरां ताहीं दिया था उस म्ह उननै फेर ले आऊँगा, अर वे फेर उसके अधिकारी होवैंगें, यहोवा का योए वचन सै।"
4 जो वचन यहोवा नै इस्राएलियाँ अर यहूदियाँ कै बारै म्ह कहे थे, वे ये सैं 5 यहोवा न्यू कहवै सै: जो थरथरा देण आळा शब्द सुणाई देण लागरया सै, वो शान्ति का न्ही, भय का ए सै। 6 पूच्छो तो भला, अर देक्खो, के माणस कै भी किते जच्चा कै जिसी पीड़ा उठ्ठै सै? फेर के कारण सै कै सारे माणस जच्चा की तरियां अपणी-अपणी कमर अपणे हाथां तै दबाए होए दिखाई देवैं सैं? क्यूँ सारया के मुँह फिक्के रंग के होगे सैं? 7 हाय, हाय, वो दिन कितना भारी होवैगा! उसकी तरियां अर कोए दिन न्ही; वो याकूब के संकट का बखत होवैगा; फेर भी वो उसतै छुड़ाया जावैगा। 8 सेनाओं के यहोवा की या वाणी सै, के उस दिन मै उसका राख्या होया जूआ थारी गर्दन पै तै तोड़ देऊँगा, अर थारे बन्धनां ताहीं टुकड़े-टुकड़े कर देऊँगा; अर परदेशी फेर उनतै अपणी सेवा ना कराण पावैंगें। 9 पर वे अपणे परमेसवर यहोवा अर अपणे राजा दाऊद की सेवा करैंगे जिसनै मै उनपै राज्य करण कै खात्तर ठहराऊँगा।
10 "इस करकै हे मेरे दास याकूब, तेरे खात्तर यहोवा की या वाणी सै, ना डर; हे इस्राएल, अचम्भित ना हो; क्यूँके मै दूर देश तै तेरे ताहीं अर तेरे खानदान ताहीं गुलाम्मी कै देश तै छुड़ाले आऊँगा। फेर याकूब बोहड़कै, चैन अर सुख तै रहवैगा, अर कोए उसनै डराण न्ही पावैगा। 11 क्यूँके यहोवा की या वाणी सै, थारा उद्धार करण कै खात्तर मै थारे गैल सूं; इस करकै मै उन सारी जातियाँ का अन्त कर देऊँगा, जिन म्ह मन्नै उन ताहीं आस्सै-पास्सै करया सै, पर थारा अन्त ना करुँगा। थारी ताड़ना मै विचार करकै करुँगा, अर थमनै किसे तरियां तै निर्दोष ना ठहराऊँगा।"
12 "यहोवा न्यू कहवै सै: तेरे दुःख की कोए दवाई न्ही, अर तेरी चोट गहरी अर दुखदाई सै। 13 तेरा मुकद्दमा लड़ण कै खात्तर कोए न्ही, तेरा जख्म बाँधण कै खात्तर ना पट्टी, ना मलहम सै। 14 तेरे सारे दोस्त तेरे ताहीं भूलगे; वे थारी खबर न्ही लेन्दे; क्यूँके तेरे बड़े अधर्म अर भारी पापां कै कारण, मन्नै दुश्मन बणकै तेरे ताहीं मारया सै; मन्नै जुल्मी बणकै ताड़ना दी सै। 15 तू अपणे जख्म कै मारे क्यूँ चिल्लावै सै? तेरी पीड़ा की कोए दवाई न्ही। तेरे बड़े अधर्म अर भारी पापां कै कारण मन्नै तेरै से इसा बरताव करया सै। 16 पर जितने तेरे ताहीं इब खावै सैं, वे आप भी दुसरयां कै जरिये खाए जावैंगे, अर तेरे बैरी आप सारे के सारे गुलाम्मी म्ह जावैंगे; अर तेरे लूटण आळे आप लूटैंगे अर जितने तेरा धन खोस्सै सैं, उनका धन मै खुसवाऊँगा। 17 मै तेरा ईलाज करकै तेरे जख्मां नै चंगा करुँगा, यहोवा की या वाणी सै; क्यूँके तेरा नाम ठुकराई होई पड़या सै: वो तो सिय्योन सै, उसकी चिन्ता कौण करै सै?"
18 "यहोवा कहवै सै: मै याकूब के तम्बू नै गुलाम्मी तै बोहड़ा ल्याऊँगा अर उसके घरां पै दया करुँगा; अर नगर अपणे ए खण्डहर पै फेर बसैगा, अर राजभवन पैहले की तरियां फेर बण जावैगा। 19 फेर उड़ै रहण आळयां म्ह तै धन्य कहण, अर आनन्द करण का शब्द सुणाई देगा। 20 मै उनका वैभव बढ़ाऊँगा, अर वे थोड़े ना होवैंगे। उनके बच्चे पुराणे बखत की तरियां होवैगें, अर उनकी मण्डळी मेरे स्याम्ही स्थिर रहवैगी; अर जितने उनपै अंधेर करै सैं उन ताहीं मै दण्ड देऊँगा। 21 उनका अगुवा उन्हे म्ह तै होवैगा, अर जो उनपै प्रभुता करैगा, वो उन्हे म्ह तै पैदा होवैगा; मै उसनै अपणे धोरै बुलाऊँगा, अर वो मेरे धोरै आ भी जावैगा, क्यूँके कौण सै जो अपणे आप मेरे धोरै आ सकै सै? यहोवा की योए वाणी सै। 22 उस बखत थम मेरी प्रजा ठहरोगे, अर मै थारा परमेसवर ठहरूँगा।"
23 देक्खो, यहोवा की जळजळाहट की आँधी चालण लाग्गी सै! वा घणी भयानक आँधी सै; दुष्टां के सिर पै वो जोर तै लाग्गैगी। 24 जिब तक यहोवा अपणा काम ना कर लेवै अर अपणी तरकिबां ताहीं पूरी ना कर लेवै, जिब ताहीं उसका भड़का होया छो शान्त ना होवैगा। अन्त कै दिनां म्ह थम इस बात नै समझ सकोगे।