कुम्हार अर माट्टी
1 यहोवा की ओड़ तै या वचन यिर्मयाह के धोरै पोहच्या, "उठकै कुम्हार कै घर जा, 2 अर ओड़ै मै तेरे ताहीं अपणे वचन सुणाऊँगा।" 3 इस करकै मै कुम्हार कै घर गया अर के देख्या के वो चाक पै कुछ बणाण लागरया सै! 4 जो माट्टी का बरतन वो बणाण लागरया था वो बिगड़ ग्या, फेर उसनै उसे माट्टी का दूसरा बरतन अपणी समझकै मुताबिक बणा दिया।
5 फेर यहोवा का या वचन मेरे धोरै पोहच्या, 6 "हे इस्राएल के घराने, यहोवा की या वाणी सै के इस कुम्हार की तरियां थारे गैल के मै भी काम न्ही कर सकदा? देख, जिस तरियां माट्टी कुम्हार कै हाथ म्ह रहवै सै, उसे तरियां ए हे इस्राएल के घराने, थम भी मेरे हाथ म्ह सो18:6 थम भी मेरे हाथ म्ह सो कोए बरतन टूट जावै था तो कुम्हार उसनै फेंकदा कोनी। वो उसनै पीसकै फेर तै चाक पै राक्खै था अर नये सिरे तै उसपै काम करकै अपणी इच्छा तै आकार दे दिया करै था।। 7 जिब मै किसे जात्ति या राज्य कै बारे म्ह कहूँ के उसनै उखाड़ूँगा या ढ़ा देऊँगा या नाश करुँगा, 8 फेर जै उस जात्ति के माणस जिसकै बारै म्ह मन्नै यो बात कही हो अपणी बुराई तै फिरैं, तो मै उस विपत्ति कै बारै म्ह जो मन्नै उनपै गेरण खात्तर ठाण्या हो पछताऊँगा। 9 अर जिब मै किसे जात्ति या राज्य कै बारै म्ह कहूँ के मै उसनै बणाऊँगा अर मजबूत करुँगा; 10 फेर जै वे उस काम नै करै जो मेरी नजर म्ह बुरा सै अर मेरी बात ना मान्नै, तो मै उस भलाई कै बारै म्ह जिस ताहीं मन्नै उनके खात्तर करण नै कह्या हो, पछताऊँगा। 11 इस करकै इब तू यहूदा अर यरुशलेम के बासिन्दया तै न्यू कह, ‘यहोवा न्यू कहवै सै, देक्खो, मै थारे नुकसान की युक्ति अर थारे बिरुध्द इन्तजाम कर रह्या सूं। इस करकै थम अपणे-अपणे बुरे राह तै फिरो अर अपणा-अपणा चाल चलण अर काम सुधारो।’"
परमेसवर की चेतावनी कबूल न्ही करणा
12 "पर वे कहवै सैं, ‘इसा न्ही होण का, हम तो अपणी ए कल्पना कै मुताबिक चाल्लैगें अर अपणे बुरे मन कै हठ पै बणे रहवैंगे।’"
13 "इस कारण प्रभु यहोवा न्यू कहवै सै, जात्ति-जात्ति तै पूछ के इसी बात के कदे किसे के सुणण म्ह आई सै? इस्राएल की कुमारी नै जो काम करया सै उसके सुणण तै रोम-रोम खड़े हो जावै सैं। 14 के लबानोन का बर्फ जो चट्टान पै सै मैदान म्ह बहवै सै बन्द हो सकै सै? के वो ठण्डा पाणी जो दूर तै बहवै सै कदे सूख सकै सै? 15 फेर भी मेरी प्रजा मेरे ताहीं भूलगी सै; वे निकम्मी मूरतां कै खात्तर धूप जळावै सैं; उननै अपणे पुराणे बखत के राह म्ह ठोक्कर खाई सै, अर राजमार्ग छोड़कै पगडण्डियां म्ह भटक गए सै18:15 पगडण्डियां म्ह भटक गए सै यहूदा के भविष्यवक्ता अर पुरोहितां नै ए उन ताहीं राह तै भटका दिया था। मूर्ति तो भलाई या बुराई म्ह असमर्थ थी।। 16 इसतै उनका देश इसा उजाड़ होग्या सै के माणस उसपै सदा ताड़ी बजान्दे रहवैंगे; अर जो कोए उसकै धोरै तै चाल्ले वो हैरान होवैगा अर सिर हिलावैगा। 17 मै उननै पुरवाई तै उड़ा कै दुश्मन कै स्याम्ही तै आस्सै-पास्सै कर देऊँगा। उनकी विपत्ति कै दिन मै उननै मुँह न्ही पर पीठ दिखाऊँगा18:17 पीठ दिखाऊँगा परमेसवर के जरिये चेहरा छिपाणा नाराजगी की एक पक्की निशान्नी सै। ।"
यिर्मयाह ताहीं सताया जाणा
18 फेर वे एक दुसरे तै कहण लाग्गे, "चाल्लो, यिर्मयाह कै बिरुध्द योजना बणावां, क्यूँके ना याजक तै नियम-कायदे, ना ज्ञान्नी तै सलाह, ना नबी तै वचन दूर होवैंगे। आओ, हम उसकी कोए बात पकड़कै उस ताहीं नाश करावै अर फेर उसकी किसे बात पै ध्यान ना दें।"
19 मन्नै यहोवा तै प्रार्थना करी: हे यहोवा, मेरी ओड़ ध्यान दे, अर जो माणस मेरे गैल झगड़ै सैं उनकी बात सुण। 20 के भलाई कै बदले म्ह बुराई का बरताव करया जावै? तू इस बात नै याद कर के मै उनकी भलाई कै खात्तर तेरे स्याम्ही प्रार्थना करण नै खड़या होया जिसतै तेरी जळजळाहट उनपै तै उतर जावै, अर इब उननै मेरी जान लेण खात्तर खड्डा खोद्या सै। 21 इस करकै उनके बाल-बच्यां नै भूख तै मरण दे, वे तलवार तै कट मरै, अर उनकी बिरबानियाँ मजबूर अर बिधवा हो जावै। उनके माणस मरी तै मरै, अर उनके जवान लड़ाई म्ह तलवार तै मारे जावै। 22 जिब तू उनपै चाणचक दुश्मनां का दल चढ़ावै, फेर उनके घरां तै चिल्लाहट सुणाई दे! क्यूँके उननै मेरे खात्तर खड्डा खोद्या अर मेरे ताहीं फसाण खात्तर फंदे लगाऐ सैं। 23 हे यहोवा, तू उनकी सारी युक्तियाँ जाणै सै जो वे मेरी मौत खात्तर करै सैं। इस कारण तू उनके इस अधर्म ताहीं ना ढाँप, ना उनके पाप ताहीं अपणे स्याम्ही तै मिटा। वे तेरे देखदे ए ठोक्कर खाकै गिर जावैं, अपणे छो म्ह आकै उनतै इस्से तरियां का बरताव कर।