Pular para o conteúdo
Publicidade

भजन संहिता 102

कट पड़े णस थन

जन उस बखत थनिरयअपणयहलककहन

1 यहा, थन;

तक हचै!

2 बत िअपणुँलहो;

अपणओडलगा;

िबखत ूँ, उसबखत वळ करके।

3 ूँितरिां उड़े ै,

अर आग तरिां जळगै।

4 मन जळतरिां ै;

अर अपणूं।

5 कहरे-कहरचमड़ी िाँ िपगै।

6 ि102:6 बियाबान के चील जंगळी उल्‍लू तरिां ूं,

उजड़ी जगहां उल्‍तरिां बणगूं।

7 पडा-पडगदरहूँ ूं अर तरिां ूं

एककरै।

8 मन लगबदनकरै,

िमजउडै,

ै।

9 ूँमन्‍तरिां अर िूं।

10 अर रण ै,

ूँतन्‍ा, अर ेंिा।

11 उमढळदतरिां ै;

अर आप तरिां ूं।

12 पर यहा, सदिजमरहवा;

अर िमरण ै,

़ी ़ी तक बणरहवा।

13 उठकिदयकरा;

ूँउसपदयकरण ठहरबखत हचै।

14 ूँउसकपतथरां हवै,

अर उसकखणडहरां तरस ै।

15 इस करकि-ि यहभय ्‍ी,

अर धरतरतडरें।

16 ूँयहिबसै,

अर अपणमहििै;

17 थनओडुँकरै,

अर उनकथनणदा।

18 आण आऴी तर िी,

एक ी, यहि करी।

19 ूँयहअपण्‍अर पवि्‍िांकरी;

धरतओडै,

20 िाँ करहणै,

अर मरण आळयां धन ्‍ै;

21 ियहिकरें,

अर यरशलउसकि करी;

22 उस बखत िश-द,

अर य-रणस यहउपसनकरण तर कठें।

23 उसनिदगसफर 102:23 उसनै मेरी जिन्दगी के सफर म्ह जिब मै जवान ए था ै,

कत अर उमघटै।

24 मन्‍कहा, "परमसवर, ीं आधउमै,

़ी ़ी ीं बणरहवें।"

25 शरतन्‍धरतींी,

अर अकां बणै।

26 ा, पर बणरहवा;

अर कपड़े तरिां ा।

उसनकपड़ेां तरिां बदल ा, अर िा।

27 पर ै,

खतम ोंे।

28 ां औलबणरहवी;

अर उनकआगिरहवा।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também