20 हे मेरे बेट्टे, मेरे वचन ध्यान तै सुण,
अर अपणा कान मेरी बात्तां की ओड़ लगा।
21 इननै अपणी आँखां तै छिपण ना दे;
बल्के अपणे मन म्ह धारण कर।
22 क्यूँके जिननै वे मिली सै, वे उनकै जिन्दा रहण का,
अर उनकै सारे शरीर के चंगे रहण का कारण हो सै।
20 हे मेरे बेट्टे, मेरे वचन ध्यान तै सुण,
अर अपणा कान मेरी बात्तां की ओड़ लगा।
21 इननै अपणी आँखां तै छिपण ना दे;
बल्के अपणे मन म्ह धारण कर।
22 क्यूँके जिननै वे मिली सै, वे उनकै जिन्दा रहण का,
अर उनकै सारे शरीर के चंगे रहण का कारण हो सै।