मिन्टू और तिना रे लोक
1 तिना गल्ला ते बाद मैं नजर दित्ती और देखो, से मिन्टू सिय्योनो रे पाह्ड़ो पाँदे खड़ी रा। और तेस साथे एक लाख चवाल़ी ह्जार जणे ए, जिना रे माथे पाँदे तेसरा नाओं और पिते रा नाओं लिखी राखेया। 2 और स्वर्गो ते माखे एक एड़ी आवाज सुणी, जो बऊत सारे पाणिए री और बड़ी गिड़ने री जी आवाज थी और जो आवाज मैं सुणी, से एड़ी थी, मानो बीणा बजाणे वाल़े बीणा बजाओए। 3 सेयो एक लाख चवाल़ी ह्जार लोक सिंहासनो सामणे और चारो प्राणिया सामणे और बुजुर्गा सामणे, मानो ये नया गाणा गाणे लगी रे थे और तिना एक लाख चवाल़ी ह्जार जणेया खे छाडी की, जो तरतिया पाँदा ते मोले लयी राखे थे, कोई से गाणा नि सिखी सको था। 4 ये एक लाख चवाल़ी ह्जार सेयो लोक ए, जो जवाणसा साथे अशुद्ध नि ऊए, पर कुआँरे ए, यो सेयो ईए कि जेती केथी मिन्टू जाओ था, सेयो तेस पीछे चली पड़ो थे। यो तो परमेशर और मिन्टूए खे पईले फल़ो जेड़े माणूंआ बीचा ते मोले लयी राखे। 5 तिना रे मुंओ ते कदी चूठ नि निकल़ेया, सेयो निर्दोष ए।