4 "ए मालीक, कुण तारे सी नी बीहसे?
ने तारे नावेन सेक-सींगार नी करसे?
काहाकी तु अतरुत चुखलु छे,
ने आखी जाती आवीन तारे,
अगळ आवीन बड़ाय करसे,
काहाकी तारा नीयावेन काम उजेंतो हय गुयलो छे।"
4 "ए मालीक, कुण तारे सी नी बीहसे?
ने तारे नावेन सेक-सींगार नी करसे?
काहाकी तु अतरुत चुखलु छे,
ने आखी जाती आवीन तारे,
अगळ आवीन बड़ाय करसे,
काहाकी तारा नीयावेन काम उजेंतो हय गुयलो छे।"