26 राजा दानिय्येल लग जेखर नाम बेलतसस्सर रथै, ओखर लग कथै, "का तै मोर सपना मतलब के बारे हे गुठे सकथस?"
27 दानिय्येल जबाब देथै, "हे राजा नबूकदनेस्सर, तै जउन लुके हर बात के बारे हे पूंछथस, ऊ बात तोके न कउनो पंडित, न कउनो टोनहा अउ न कउनो कसदी पंडित गुठे सकथै।" 28 पय स्वरग हे अक्ठी भगवान असना हबै, जउन भेद भरी बात के भेद गुठेथै, भगवान राजा नबूकदनेस्सर के आगू काहिन होय बाले हबै, हइ दरसन के निता सपना दय हबै, अपन डसना हे सोउत टेम तै सपना हे जउन बात देखे रथस ऊ ई हबै,