7 अपन रास्ता हे कढ जा, अपन रोटी खुसी लग खाय कर, अउ मन हे सुख मानके अपन अंगूर के रस पीय कर, काखे भगवान तोर कामन लग मगन हुइ चुके हबै।
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7 अपन रास्ता हे कढ जा, अपन रोटी खुसी लग खाय कर, अउ मन हे सुख मानके अपन अंगूर के रस पीय कर, काखे भगवान तोर कामन लग मगन हुइ चुके हबै।