8 ता अपन मन के कठोर झइ करिहा, जसना कि पहिले दुख के टेम होय रथै, ऊ रोज तुम्हर सियानन पतेरा हे मोर परिक्छा लइन।
8 ता अपन मन के कठोर झइ करिहा, जसना कि पहिले दुख के टेम होय रथै, ऊ रोज तुम्हर सियानन पतेरा हे मोर परिक्छा लइन।