11 तब मुसा आपसा परमेश्वर योहोवा असो कोहीन रावन्या करने लाग्यो, "हे योहोवा, तारी रीस आपसा लोगहन पोर काहा भोड़के, जेनको तु मोटा सामर्थ्य आरु ताकोतवाळ हातोन लारे मिसर देश सी निकाळ लावलो छे? 12 मिसरी मानसे असो नी कोहने जुवे, ‘त्या हेनका भुंडा विचार सी बोयड़ा मा दीन धोरति पोर सी बुरवनेन मोन सी निकाळ ली गुयो?’ तु आपसा भोड़ेकला रीस क हुगो कोर, आरु आपसा लोगहन को असो नुकसान कोरने सी बोदली जा। 13 आपसा दास अब्राहम, इसहाक, आरु याकुब काजे फोम कोर जेनुसी तु आपसोत वायदो कोरीन कयो हुतो, हांव तुमरा ओवलियादक वादळान सारका बेसका कोरीस, आरु यो आखो देश जेरी हांव वात कोर्यो छे तुमरा ओवलियाद क आपीस कि हुये उना होकदारीया होमीसा बोनला रोहे।" 14 तब योहोवा आपनी प्रजा क हानी करने सीज ओक कोयो हुतो त्यो मन फिरायो।