6 1:6 व्यवस्थाविवरण 31:6-7; 23एरकरता हिमत बाँधीन वातड़ो हुय जा; काहकी जेका देश क आपने न शपथ हाव इना लोगहन क हाहला सी खाई हती उकान हक तु हेनको करीस। 7 ओतरो होय कि तु हियाव बाँधीन आरु मजबुत वातड़ो होईन जी नियममार दास मुसु तुखे आप देदु छे उना सब क अनसारे करने मा चोक्सी करनु; आरु उका सी नी ते डाखरे वोगे फिरनु आरु नी जेवड़े, तव जा जा तु जासे चा तारो काम सफल होयसे। 9 काय हाव तुखे आदेश नी देदु? हिमत बाँधीन वातड़ो हुय जा; बीह मा, आरु थार मन कोमजुर नी होयनो जुवे; काहकी जा जा तु जासे चा चा तार योहोवा परमेश्वर तार साथे रवसे।"